BJP को पछाड़ गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’! 55 पोस्ट… 10 मिलियन फॉलोअर्स… आखिर कैसे वायरल हुआ CJP?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही Cockroach Janta Party (CJP) ने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में Bharatiya Janata Party को भी पीछे छोड़ दिया है।

BJP को पछाड़ गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’! 55 पोस्ट… 10 मिलियन फॉलोअर्स… आखिर कैसे वायरल हुआ CJP?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ‘पार्टी’ छाई हुई है, जिसने देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी BJP को भी इंस्टाग्राम पर पीछे छोड़ दिया है। नाम सुनकर आप भी चौंक जाएंगे — Cockroach Janta Party (CJP)।

महज 55 पोस्ट और 10 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ यह पेज इंटरनेट पर सनसनी बन चुका है। वहीं Bharatiya Janata Party के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 8.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जहां BJP ने सालों में 18 हजार से ज्यादा पोस्ट किए, वहीं CJP ने कुछ ही दिनों में बेहद कम पोस्ट के जरिए सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया।

कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ट्रेंड?

इस वायरल मूवमेंट की शुरुआत एक विवादित सोशल मीडिया दावे के बाद हुई। इंटरनेट पर दावा किया गया कि देश के मुख्य न्यायाधीश की ओर से ऑनलाइन एक्टिव युवाओं के लिए ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए।

इसके बाद जिस शब्द को अपमान माना गया, उसी को युवाओं ने अपनी पहचान बना लिया और सोशल मीडिया पर “Cockroach Janta Party” ट्रेंड करने लगी।

कौन है इसके पीछे?

इस डिजिटल मूवमेंट के पीछे 30 वर्षीय अभिजीत दिपके का नाम सामने आ रहा है, जिन्हें बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस ग्रेजुएट बताया जा रहा है।

अभिजीत का कहना है कि यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि सिस्टम से नाराज युवाओं की डिजिटल आवाज है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल 4 दिनों में 2 लाख से ज्यादा युवाओं ने इसकी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन भी किया। हालांकि, इसका मेंबरशिप फॉर्म भी मीम स्टाइल में बनाया गया है, जिसमें “Chronically Online” और “आलसी होना बोनस पॉइंट” जैसी बातें लिखी गई हैं।

सिर्फ मीम नहीं, मुद्दे भी गंभीर

CJP का दावा है कि देश की राजनीति लंबे समय से धार्मिक बहसों में उलझी हुई है, जबकि युवा AI, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं।

इस ऑनलाइन मूवमेंट ने NEET पेपर लीक, बेरोजगारी और सिस्टम की विफलताओं जैसे मुद्दों को भी उठाया है।

इसके अलावा महिलाओं को 50% आरक्षण, रिटायर्ड जजों को राज्यसभा सीट न देने और चुनावी गड़बड़ियों पर कार्रवाई जैसी मांगें भी सामने रखी गई हैं।

क्या 2029 तक बदलेगी राजनीति?

फिलहाल CJP खुद को चुनावी राजनीति से दूर बता रही है, लेकिन जिस तेजी से यह डिजिटल आंदोलन बढ़ रहा है, उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

यह पहली बार माना जा रहा है जब मीम कल्चर और Gen Z की इंटरनेट पावर सीधे राजनीति को चुनौती देती दिखाई दे रही है।