सोना-चांदी में बड़ी गिरावट! 5 दिन में चांदी ₹18,000 से ज्यादा टूटी, सोना भी हुआ सस्ता

सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर। बीते सप्ताह चांदी की कीमत में 18,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी सस्ता हुआ। जानें ताजा रेट और गिरावट की वजह।

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट! 5 दिन में चांदी ₹18,000 से ज्यादा टूटी, सोना भी हुआ सस्ता
Gold and silver price

सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बीते सप्ताह सर्राफा बाजार और वायदा कारोबार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। खासकर चांदी के दाम में आई तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों का ध्यान खींचा है। सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में चांदी 18 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो गई, जबकि सोने की कीमतों में भी उल्लेखनीय नरमी देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी की कीमत सप्ताह के दौरान करीब 18,797 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,48,201 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। शुक्रवार को ही चांदी में 16,595 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जनवरी 2026 में चांदी ने 4,57,328 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन मौजूदा कीमत इससे 2,09,127 रुपये नीचे आ चुकी है।

सोने की कीमतों में भी कमजोरी का दौर जारी रहा। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव पिछले सप्ताह करीब 5,311 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1,55,600 रुपये पर पहुंच गया। केवल शुक्रवार को ही सोने में लगभग 3,947 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। जनवरी 2026 में सोना 2,04,375 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन अब यह अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 48,775 रुपये नीचे कारोबार कर रहा है।

घरेलू बाजार में भी सोना और चांदी दोनों सस्ते हुए हैं। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी का भाव 2,63,250 रुपये से घटकर 2,56,908 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत 1,55,536 रुपये से गिरकर 1,54,238 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की चाल, निवेशकों की मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में उतार-चढ़ाव के कारण कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है।