NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का प्रेस कॉन्फ्रेंस, छात्रों के लिए न्याय की उठाई मांग
राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दोषियों पर कार्रवाई और प्रधानमंत्री से माफी की मांग की।
Rahul Gandhi on NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का प्रेस कॉन्फ्रेंस, छात्रों के लिए न्याय की उठाई मांगकांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत उन्होंने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के वीडियो दिखाकर की।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि छात्र केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।

राहुल गांधी ने कहा, "जब पुलिस मुझे हटाने आई तो एक पुलिसकर्मी ने मेरे कान में कहा कि सरकार को हटाइए। मुझे घसीटा गया, मेरे मुंह से खून आया और मुझे कई पंच भी लगे, लेकिन अब धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने पेपर लीक के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 से अधिक पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े मामलों के बावजूद अब तक किसी भी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र अब भ्रष्टाचार और धांधली का शिकार हो गया है। "कभी भारत का शिक्षा तंत्र दुनिया के सबसे बेहतर सिस्टम में गिना जाता था, लेकिन आज यह धांधली वाला सिस्टम बन गया है। लगभग हर महीने कोई न कोई पेपर लीक होता है और लाखों छात्रों को दोबारा उसी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है।"

राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली पर पड़ रहे आर्थिक बोझ का भी मुद्दा उठाया। उनका दावा था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और परीक्षाओं पर परिवारों का खर्च बेहद बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब परिवार अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर खर्च करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल निराशा और असुरक्षा मिलती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी छात्रों के आंदोलन का पूरी तरह समर्थन करती है और उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं-
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगना।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और तब तक पीछे नहीं हटेगी, जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती

