जयपुर में बोले सचिन पायलट: युवाओं की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती, पेपर लीक पर जवाबदेही तय हो

जयपुर में आयोजित 'छात्र युवा न्याय — बदलाव गूंज' कार्यक्रम में सचिन पायलट ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों की आवाज सुनने, दोषियों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की।

जयपुर में बोले सचिन पायलट: युवाओं की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती, पेपर लीक पर जवाबदेही तय हो

जयपुर में आयोजित “छात्र युवा न्याय — बदलाव गूंज” कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब-जब युवाओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की है, तब-तब इतिहास ने बदलाव की नई इबारत लिखी है और देश में नई क्रांति की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य यानी Gen Z और युवा अब पेपर लीक जैसे अन्याय और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे और अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

सचिन पायलट ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों के सपनों को तोड़ा है। वर्षों की मेहनत, तैयारी और उम्मीदें भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ गईं। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।

उन्होंने कहा कि आज छात्रों की “मन की बात” बिल्कुल स्पष्ट है। केंद्र सरकार को अपना हठ छोड़कर छात्रों से संवाद स्थापित करना चाहिए। साथ ही पेपर लीक के मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पायलट ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा संबंधी विवादों और पेपर लीक मामलों को देखते हुए नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।