विधानसभा के 75 साल: आज इतिहास रचेगा राजस्थान, एक मंच पर दिखेगा लोकतंत्र का सबसे बड़ा संगम

Rajasthan Vidhan Sabha Amrit Mahotsav: राजस्थान विधानसभा 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रही है। उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और 695 वर्तमान-पूर्व विधायक इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल होंगे।

विधानसभा के 75 साल: आज इतिहास रचेगा राजस्थान, एक मंच पर दिखेगा लोकतंत्र का सबसे बड़ा संगम
राजस्थान विधानसभा

राजस्थान विधानसभा अपने 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को अमृत महोत्सव मना रही है। यह देश की पहली विधानसभा होगी, जिसने स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर इस तरह का भव्य अमृत महोत्सव आयोजित किया है। इस अवसर पर लोकतंत्र से जुड़े कई ऐतिहासिक और अभूतपूर्व पल देखने को मिलेंगे।

समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह रहेगी कि पहली बार उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, दो पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष एक ही मंच साझा करेंगे। इसके अलावा लोकसभा और राज्यसभा के कुल 35 सांसद भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

अमृत महोत्सव में वर्तमान और पूर्व विधायकों का भी सबसे बड़ा संगम देखने को मिलेगा। प्रदेश के 695 वर्तमान और पूर्व विधायक इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। वहीं, छह या उससे अधिक बार विधानसभा चुनाव जीत चुके 26 वरिष्ठ विधायकों को पहली बार विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इनमें अधिकांश जनप्रतिनिधियों की आयु 70 वर्ष से अधिक है।

लोकसभा अध्यक्ष सुबह जयपुर पहुंचने के बाद विधानसभा में आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। शाम को होने वाले समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे, जबकि राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

इस बार अमृत महोत्सव का बौद्धिक पक्ष भी खास रहेगा। पहले प्रस्तावित 23 की जगह अब 24 ऐतिहासिक कानूनों पर विशेष मंथन किया जाएगा। इन विषयों पर पूर्व और वर्तमान विधायक अपने अनुभव साझा करेंगे और विधानसभा की लोकतांत्रिक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों पर चर्चा करेंगे।

आयोजन में शामिल होने वाले वर्तमान और पूर्व विधायकों के ठहरने की व्यवस्था जयपुर के सर्किट हाउस, डाक बंगला, विधायक आवास गेस्ट हाउस और पंचायतीराज संस्थान में की गई है। यह समारोह राजस्थान विधानसभा के 75 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा, उपलब्धियों और गौरवशाली इतिहास का विशेष उत्सव माना जा रहा है।