पुरी रथ यात्रा में बिगड़े हालात, दम घुटने और हार्ट अटैक से दो श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग अस्पताल में भर्ती
पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के दौरान भारी भीड़ के बीच दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल और बेहोश हो गए। प्रशासन ने भगदड़ से इनकार किया है और मामले की जांच जारी है।
ओडिशा के पुरी में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग बेहोश हो गए और कई अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन ने भगदड़ से किया इनकार
प्रशासन का कहना है कि मौके पर भगदड़ नहीं मची थी। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक भीड़ के कारण एक महिला श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। वहीं एक अन्य घटना में 35 वर्षीय युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
हार्ट अटैक से युवक की मौत
मृतक युवक की पहचान ओडिशा के क्योंझर निवासी अनिल दास के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर मारिचीकोट चौक के पास भारी भीड़ के बीच उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई और वह अचानक गिर पड़े। उन्हें तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भारी भीड़ के कारण बिगड़े हालात
घटना उस समय हुई जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा के दर्शन के लिए ग्रैंड रोड पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। प्रशासन ने अभी तक उन परिस्थितियों पर विस्तृत जानकारी नहीं दी है, जिनके कारण भगदड़ जैसे हालात बने।
सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम
ओडिशा के डीजीपी वाई. बी. खुरानिया ने बताया कि रथ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आयोजन में 19 आईपीएस अधिकारियों सहित करीब 13,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ, आरएएफ समेत केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां भी विभिन्न स्थानों पर तैनात थीं।
AI कैमरों और ड्रोन से निगरानी
अधिकारियों के अनुसार, पूरे आयोजन की निगरानी के लिए 473 एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे, दो कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, ड्रोन-जैमर सिस्टम और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय थी। भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस की समुद्री इकाइयों द्वारा संयुक्त गश्त भी की जा रही थी।

