सोनम वांगचुक के समर्थन में पहुंचे केजरीवाल, बोले- सरकार ने नहीं सुनी आवाज तो 2029 में चुकानी पड़ेगी कीमत
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने की मांग का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा।
जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की आवाज नहीं सुनी तो इसका राजनीतिक परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है।
केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनका यह आंदोलन पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उन शिक्षकों का भी जिक्र किया जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई और कार्रवाई का सामना किया। केजरीवाल ने कहा कि ऐसे लोगों का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि वे शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी सरकार ने जनभावनाओं को नजरअंदाज किया था, जिसका असर बाद के चुनावों में देखने को मिला। केजरीवाल ने दावा किया कि अगर मौजूदा सरकार भी छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेती, तो 2029 के चुनावों में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
आप संयोजक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और यह भी कहा कि सोनम वांगचुक जैसे शिक्षा सुधार के पक्षधर व्यक्ति को देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बार-बार सामने आ रहे मामलों के बावजूद व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इससे लाखों छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और मेहनत करने वाले युवाओं का मनोबल टूट रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि हर साल पेपर लीक होने, जांच समिति बनने, एफआईआर दर्ज होने और आरोपियों के जमानत पर छूट जाने का सिलसिला जारी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा। उनके मुताबिक, यदि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए गए तो यह समस्या आगे भी बनी रहेगी।
उन्होंने देशभर के लोगों से अपील की कि वे 20 तारीख को बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षा सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग का समर्थन करें।

