राजस्थान पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग के सचिव आज होंगे कोर्ट में पेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब कर जवाब मांगा है।

राजस्थान पंचायत चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग के सचिव आज होंगे कोर्ट में पेश
Rajasthan Highcourt

राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में लगातार हो रही देरी को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ाने की राज्य सरकार की मांग पर सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए कि अब चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से चुनाव की समय-सीमा बढ़ाने का आग्रह किया गया। वहीं, याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रेमचंद देवंदा और अभिषेक सिंह देवंदा ने अदालत के समक्ष तर्क रखते हुए कहा कि पूर्व में दिए गए न्यायालय के निर्देशों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया तय समय पर आगे नहीं बढ़ रही है। अदालत ने उनके पक्ष पर सहमति जताते हुए देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि बार-बार समय बढ़ाने की मांग को सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। अदालत ने राज्य चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग के सचिव को आज दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। दोनों अधिकारियों को यह बताना होगा कि अदालत के आदेशों के बावजूद पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी की नजर आज होने वाली सुनवाई पर टिकी है। माना जा रहा है कि अदालत अधिकारियों से चुनाव प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति, ओबीसी आरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति और चुनाव कार्यक्रम को लेकर विस्तृत जवाब मांगेगी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार को चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ाने के लिए कोई राहत मिलती है या हाईकोर्ट चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कोई सख्त निर्देश जारी करता है। राजस्थान की पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया को लेकर आज की सुनवाई अहम मानी जा रही है।