राजस्थान में फिर बढ़ सकती हैं DLC दरें, जमीन-फ्लैट खरीदना होगा महंगा
Rajasthan में जल्द DLC दरों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे जमीन, फ्लैट और प्रॉपर्टी खरीदना महंगा पड़ सकता है। नई दरों का असर रजिस्ट्री शुल्क और रियल एस्टेट बाजार पर भी देखने को मिलेगा।
राजस्थान में जमीन, फ्लैट और मकान खरीदना आने वाले समय में और महंगा हो सकता है। राज्य सरकार एक बार फिर डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। इससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर लगने वाला खर्च बढ़ जाएगा। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को सरकार ने पूरे प्रदेश में डीएलसी दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
अब वित्त विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टर्स को जमीनों के बाजार मूल्य की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग के सचिव कुमार पाल गौतम ने पत्र जारी कर जून के तीसरे सप्ताह तक डीएलसी की बैठक बुलाने को कहा है। इन बैठकों में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की मौजूदा दरों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि वर्तमान डीएलसी दरें बाजार कीमतों से काफी कम हैं। खासतौर पर स्टेट हाईवे, नेशनल हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले दो सालों में जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में राजस्व बढ़ाने और बाजार मूल्य के करीब दरें तय करने के लिए नई समीक्षा जरूरी मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, साल 2025 में डीएलसी कमेटियों की बैठक नहीं हो पाई थी। इसी वजह से पुराने मूल्यांकन के आधार पर अप्रैल 2026 में सीधे 10 फीसदी की बढ़ोतरी लागू कर दी गई थी। अब सरकार नई दरों को वास्तविक बाजार भाव के करीब लाने की तैयारी में है।
जयपुर में पिछले दो साल में डीएलसी दरों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2024 में 10 फीसदी वृद्धि की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2024 में अलग-अलग इलाकों में 5 से 15 फीसदी तक दरें बढ़ाई गईं। वहीं अप्रैल 2026 में फिर 10 फीसदी बढ़ोतरी लागू कर दी गई।
अगर नई दरें लागू होती हैं तो जमीन, फ्लैट और मकान की खरीद-फरोख्त पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क का बोझ भी बढ़ जाएगा। इससे रियल एस्टेट बाजार और आम खरीदारों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
Saloni Kushwaha 
