खाटू मेले में परिवहन संकट, 70 प्राइवेट बसों का पहिया थमा

खाटू श्याम मेले के दौरान 70 प्राइवेट बसों की हड़ताल से श्रद्धालु परेशान, सिंधी कैंप प्रवेश विवाद के चलते जयपुर रूट पर परिवहन संकट गहराया।

खाटू मेले में परिवहन संकट, 70 प्राइवेट बसों का पहिया थमा

बाबा श्याम के लक्खी मेले में इस बार श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बड़ी परेशानी भी जुड़ गई है। खाटू से जयपुर के बीच चलने वाली करीब 70 प्राइवेट बसों ने संचालन रोक दिया है। बस ऑपरेटरों और प्रशासन के बीच सिंधी कैंप तक प्रवेश की अनुमति को लेकर विवाद गहरा गया है, जिसका सीधा असर हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है।

सिंधी कैंप बनाम हीरापुरा: क्या है विवाद?

वर्तमान नियमों के तहत प्राइवेट बसों को जयपुर शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। उन्हें 14 नंबर बाईपास स्थित हीरापुरा बस स्टैंड पर ही यात्रियों को उतारना होता है।

लेकिन अधिकांश श्रद्धालु रेलवे स्टेशन या सिंधी कैंप पहुंचना चाहते हैं। इसी मांग को लेकर यात्रियों और ड्राइवरों के बीच रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है।

23 से 28 फरवरी तक बसें बंद रखने की चेतावनी

‘श्रीश्याम खाटू-जयपुर बस ऑपरेटर सेवा समिति’ ने साफ किया है कि मेले के दौरान बिना जुर्माने सिंधी कैंप तक बस ले जाने की अनुमति नहीं मिली तो बसें नहीं चलाई जाएंगी। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि ड्राइवर और कंडक्टर लगातार यात्रियों के गुस्से का सामना कर रहे हैं।

रोडवेज बसों में ठसाठस भीड़

प्राइवेट बसें बंद होने के बाद रोडवेज पर दबाव बढ़ गया है। खाटू रोडवेज स्टैंड पर भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्री बसों की छतों और गेट पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। प्रशासन अतिरिक्त बसें लगाने का दावा कर रहा है, लेकिन भीड़ के सामने इंतजाम अपर्याप्त नजर आ रहे हैं।

विधानसभा तक पहुंचा मुद्दा

मेले के बीच उत्पन्न अव्यवस्था का मामला राजस्थान विधानसभा में भी उठा। परिवहन मंत्री एवं डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अधिकारियों को अतिरिक्त बसों और मिनी बसों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।