नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली CM पद की शपथ, 26 मंत्रियों सहित नया मंत्रिमंडल गठित

राजस्थान की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार (20 नवंबर 2025) को भव्य समारोह के बीच जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ 10वीं बार ली।

नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली CM पद की शपथ, 26 मंत्रियों सहित नया मंत्रिमंडल गठित

पटना। राजस्थान की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार (20 नवंबर 2025) को भव्य समारोह के बीच जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ 10वीं बार ली। यह राजनीतिक इतिहास का एक रिकॉर्ड बन गया है, जहां 74 वर्षीय नीतीश ने एनडीए की प्रचंड जीत के बाद एक बार फिर सत्ता संभाली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित NDA के शीर्ष नेता उपस्थित रहे।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को पहली शपथ दिलाई। इसके बाद भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की, जिनमें भाजपा कोटे से 14, जदयू से 8, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी चिराग पासवान की पार्टी से 2, हम (सेकुलर) से 1 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री शामिल हैं। इस मंत्रिमंडल में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए जदयू ने जमा खान को फिर से मंत्री बनाया।

शपथ ग्रहण समारोह: गांधी मैदान में NDA की भव्य परेड

पटना के गांधी मैदान में सुबह 11:30 बजे शुरू हुए समारोह में लाखों NDA समर्थक उमड़ पड़े। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मंच पर पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा के अलावा हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, असम के हिमंता बिस्वा सरमा, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, मेघालय के कॉनराड संगमा, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, नगालैंड के नेफियू रियो, ओडिशा के मोहन चरण मांझी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अतिशी और राजस्थान के भजनलाल शर्मा जैसे कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।

शपथ के बाद पीएम मोदी ने मंच से गमछा लहराकर भीड़ का अभिवादन किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी और जेपी नड्डा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जो गठबंधन की एकजुटता का प्रतीक बना। समारोह में NDA की थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जहां बिहार की लोक कलाओं का प्रदर्शन किया गया।

मंत्रिमंडल का गठन: पार्टीवार बंटवारा और प्रमुख चेहरे

2025 विधानसभा चुनाव में NDA ने 243 सीटों में से 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी (122 सीटें) बनी। इस आधार पर मंत्रिमंडल का वितरण किया गया। कुल 29 सदस्यीय मंत्रिमंडल (सीएम सहित) में छोटे दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया।

नीचे मंत्रिमंडल की पूरी सूची दी गई है (पोर्टफोलियो आवंटन बाद में घोषित होगा):

पार्टी

मंत्री (शपथ लेने वाले)

जदयू (8)

विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, लेशी सिंह, शीला मंडल, मदन साहनी, जमा खान (मुस्लिम चेहरा)

भाजपा (14)

सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री), विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री), मंगल पांडे, नीतीश मिश्रा, रेणु देवी, नितिन नवीन, प्रेम कुमार, जीवेश कुमार, नीरज कुमार सिंह, जनक राम, हरि साहनी, केदार प्रसाद गुप्ता, सुरेंद्र मेहता, संतोष कुमार सिंह

एलजेपी(आरवी) (2)

राजू तिवारी, संतोष कुमार सुमन

हम (सेकुलर) (1)

संतोष कुमार सुमन (दोहराव, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार)

आरएलएम (1)

श्नेहलता कुशवाहा (उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी)

यह मंत्रिमंडल पिछली सरकार से अधिकांश चेहरों को बरकरार रखते हुए 5-6 नए चेहरों को शामिल करता है। जदयू ने जमा खान को फिर से जगह देकर अल्पसंख्यक समुदाय का विश्वास जीतने की कोशिश की है। भाजपा ने महिलाओं (रेणु देवी) और पिछड़े वर्गों (सम्राट चौधरी) को प्रतिनिधित्व दिया।

बार ग्राफ संख्या के अनुसार

भाजपा    ██████████████████████████████  14
जदयू     ███████████████                     8
लोजपा(RV) ████                                2
हम        ██                                  1
आरएलएम    ██                                  1

नीतीश का 10वां कार्यकाल: उम्मीदें और चुनौतियां

नीतीश कुमार का यह 10वां कार्यकाल बिहार के विकास को नई गति देने का वादा करता है। चुनावी घोषणा-पत्र में 7 एक्सप्रेसवे, 3600 किमी रेल ट्रैक, 4 शहरों में मेट्रो रेल और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया था। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा, "यह जनता के विश्वास की जीत है। बिहार अब विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।"

विपक्षी दलों ने NDA पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ट्वीट कर कहा, "नीतीश जी को बधाई, लेकिन उम्मीद है कि इस बार 'धोखा' न हो और वे पूर्ण कार्यकाल पूरा करें।" आरजेडी ने मंत्रिमंडल में महिलाओं और युवाओं की कमी पर सवाल उठाए। यह समारोह न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर NDA की मजबूती का संदेश देता है। अब सभी की नजरें पोर्टफोलियो वितरण और नीतीश सरकार के पहले फैसलों पर हैं।