राजस्थान में नई हाईटेक सिटी का सपना हकीकत बनने को तैयार, फागी रोड पर चिह्नित भूमि
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य के शहरी विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। 'नई हाईटेक सिटी' नामक इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत जयपुर के फागी रोड इलाके में हजारों एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है।
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य के शहरी विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। 'नई हाईटेक सिटी' नामक इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत जयपुर के फागी रोड इलाके में हजारों एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। यह परियोजना न केवल निवेश और उद्योगों को आकर्षित करेगी, बल्कि आईटी पार्क, आवासीय जोन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी फीचर्स के साथ राजस्थान को एक वैश्विक अर्बन हब बनाने का सपना साकार करेगी।
शहरी विकास एवं आवास (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को इस प्रोजेक्ट में एक महत्वपूर्ण बदलाव की पुष्टि की, जो राज्य के शहरीकरण को तेज करने में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री ने कहा, "यह परिवर्तन परियोजना को और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाएगा, जिससे निजी निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।" सरकार ने राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लिमिटेड (RIICO) और उद्योग विभाग को इस हाईटेक सिटी की नोडल एजेंसी बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट को भेज दिया है। इससे परियोजना का क्रियान्वयन तेज होगा और राज्य में रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।

फागी रोड पर हाईटेक सिटी: भूमि चिह्नीकरण से लेकर ब्लूप्रिंट तक
फागी रोड, जो जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है, अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण इस प्रोजेक्ट के लिए आदर्श चुना गया है। यहां की समतल भूमि, सड़क कनेक्टिविटी (जयपुर-दिल्ली हाईवे से निकटता) और पर्यावरणीय संतुलन इसे स्मार्ट सिटी के लिए उपयुक्त बनाते हैं। चिह्नित भूमि करीब 5,000-7,000 एकड़ बताई जा रही है, जिसमें:
- आईटी और टेक हब: सॉफ्टवेयर पार्क, डेटा सेंटर और स्टार्टअप इंक्यूबेटर।
- उद्योग जोन: मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, लॉजिस्टिक्स हब और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स।
- आवासीय और कमर्शियल एरिया: हाई-राइज अपार्टमेंट, मॉल, स्कूल, अस्पताल और ग्रीन स्पेस।
- इंफ्रा सुविधाएं: मेट्रो कनेक्टिविटी, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, वाटर रीसाइक्लिंग और सोलर पावर ग्रिड।
यह प्रोजेक्ट गुजरात की गांधी नगर या हरियाणा के गुरुग्राम मॉडल पर आधारित होगा, लेकिन राजस्थानी संस्कृति को शामिल करते हुए। UDH विभाग के अनुसार, प्रारंभिक सर्वे पूरा हो चुका है और जल्द ही डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सार्वजनिक की जाएगी।
RIICO और उद्योग विभाग को नोडल भूमिका
परियोजना में बड़ा बदलाव यह है कि अब RIICO (जो औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने में विशेषज्ञ है) और उद्योग विभाग संयुक्त रूप से नोडल एजेंसी का काम संभालेंगे। पहले यह जिम्मेदारी UDH या टाउन प्लानिंग विभाग के पास थी, लेकिन सरकार ने इसे उद्योग-केंद्रित बनाने के लिए शिफ्ट किया है। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर फोकस होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में निर्देश दिए थे कि "राजस्थान को निवेश का गेटवे बनाना है। यह हाईटेक सिटी हमारा विजन 2047 का हिस्सा है।" RIICO के चेयरमैन ने बताया कि प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में मंजूर हो सकता है, जिसके बाद निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
निवेश और विकास में नई रफ्तार
सरकार का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से अगले 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा। इससे:
- रोजगार सृजन: 2-3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां।
- अर्बन बूस्ट: जयपुर के आसपास सैटेलाइट सिटी के रूप में विकास, ट्रैफिक डीकंजेशन और पर्यावरण संरक्षण।
- आर्थिक प्रभाव: आईटी निर्यात में 20% वृद्धि और टूरिज्म को लिंकेज।

