भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा मदीना, मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाने का प्रयास

सऊदी अरब में मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस के भीषण हादसे के बाद भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को और तेज कर दिया है। 17 नवंबर को हुए इस दर्दनाक हादसे में 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई।

भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा मदीना, मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाने का प्रयास

नई दिल्ली। सऊदी अरब में मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस के भीषण हादसे के बाद भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को और तेज कर दिया है। 17 नवंबर को हुए इस दर्दनाक हादसे में 42 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। हादसे के चार दिन बाद बुधवार (20 नवंबर 2025) को भारत का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब पहुंच गया, जो पूरे राहत अभियान की निगरानी करेगा और सुनिश्चित करेगा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता मिले।

यह प्रतिनिधिमंडल जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन, मदीना पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है। केंद्र सरकार ने इस घटना को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नेतृत्व में व्यक्तिगत निगरानी का फैसला लिया है। प्रतिनिधिमंडल मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होगा और पार्थिव शरीरों को भारत लाने के प्रयासों को गति देगा।

मक्का-मदीना हाईवे पर आग का गोला बनी बस

सोमवार (17 नवंबर 2025) तड़के भारतीय समयानुसार करीब 1:30 बजे सऊदी अरब के मक्का-मदीना एक्सप्रेसवे पर मुफ्रिहात इलाके के पास एक डीजल टैंकर से टकरा गई उमरा यात्रियों से भरी बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, जब टक्कर हुई। टैंकर से लीक हुआ डीजल बस पर फैल गया और देखते ही देखते पूरे वाहन में भीषण आग लग गई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे में कम से कम 42 भारतीयों की मौत हुई, जिनमें 11 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। दुखद यह है कि 18 लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों में अधिकांश तेलंगाना और हैदराबाद के निवासी थे, जो उमरा यात्रा के लिए मक्का गए थे। बस में कुल 50 से ज्यादा यात्री सवार थे, जिनमें से कई जलने के कारण पहचान में मुश्किल हो रही है। सऊदी प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान चलाया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कई यात्रियों को बचाया नहीं जा सका।

सऊदी अरब के आठ लेन वाले इस हाईवे पर छोटी गाड़ियों के लिए 140 किमी/घंटा और बसों के लिए 120 किमी/घंटा की गति सीमा है। प्रारंभिक जांच में बस के चालक की लापरवाही या टैंकर के अचानक ब्रेक लगाने को हादसे की वजह बताया जा रहा है। सऊदी सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है, जिसमें सड़क सुरक्षा पर 2030 तक मौतों को प्रति लाख आबादी पर 5 से कम करने के लक्ष्य को शामिल किया गया है।

भारत सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया: 24x7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम

हादसे की खबर मिलते ही भारत सरकार ने तुरंत कदम उठाए। जेद्दा में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया, जहां प्रभावित परिवार हेल्पलाइन नंबर्स पर संपर्क कर सकते हैं:

  • जेद्दा कंसुलेट: +966-9200-30011
  • रियाद दूतावास: +966-11-4884144
  • तेलंगाना कंट्रोल रूम: 79979 59754, 99129 19545

विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी एक केंद्रीय हेल्पलाइन जारी की: +91-11-23012113। दूतावास और कंसुलेट अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं। प्रतिनिधिमंडल पार्थिव शरीरों की पहचान, पोस्टमॉर्टम और भारत प्रत्यावर्तन के लिए विशेष व्यवस्था कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से शोक व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, "यह दुखद हादसा पूरे देश को सदमे में डाल गया है। हमारी टीम हर कदम पर सहायता सुनिश्चित करेगी।"

तेलंगाना ने घोषित की 5 लाख की सहायता

मृतकों के अधिकांश तेलंगाना से होने के कारण राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में प्रत्येक मृतक परिवार को 5 लाख रुपये एक्स-ग्रेशिया देने की घोषणा की गई। साथ ही, प्रत्येक परिवार से दो सदस्यों को सऊदी अरब भेजने का फैसला लिया गया। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमर्का ने कहा, "हमारे श्रद्धालुओं का यह नुकसान पूरे राज्य के लिए अपूरणीय है। केंद्र के साथ मिलकर हर मदद करेंगे।"

हैदराबाद में कई परिवार सदमे में हैं। ट्रैवल ऑपरेटरों से संपर्क कर यात्रियों की पूरी लिस्ट जारी की जा रही है। अन्य राज्य जैसे आंध्र प्रदेश और कर्नाटक भी अपने नागरिकों की जानकारी जुटा रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल का कार्य: समन्वय और सहायता का केंद्र

भारत का उच्चस्तरीय दल MEA के संयुक्त सचिव (CPV & EW) की अगुवाई में है, जिसमें दूतावास अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ और कानूनी सलाहकार शामिल हैं। यह टीम:

  • घायलों के इलाज की निगरानी करेगी।
  • मृतकों के अंतिम संस्कार और भारत लाने की प्रक्रिया तेज करेगी।
  • प्रभावित परिवारों को वीजा, यात्रा और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • सऊदी अधिकारियों से दुर्घटना की रिपोर्ट मांगेगी।

यह हादसा भारतीय तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उमरा यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। सऊदी अरब ने पहले भी भारतीय हज यात्रियों के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू की हैं, लेकिन इस घटना ने नई समीक्षा की मांग की है।

देश भर में शोक की लहर है। उमरा जैसे पवित्र सफर पर गई जिंदगियां हमेशा के लिए बुझ गईं, लेकिन भारत सरकार का यह त्वरित प्रयास परिवारों के दर्द को कम करने का प्रयास है। अधिक अपडेट्स के लिए बने रहें।