राजस्थान बना डेस्टिनेशन वेडिंग की राजधानी, 5 महीनों में 1000 करोड़ का कारोबार
राजा-महाराजाओं की धरती राजस्थान अब सिर्फ पर्यटन का केंद्र नहीं बल्कि भारत और विदेशों का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग हब बन चुका है। यहां के महलों की शाही भव्यता, झीलों का रोमांटिक नजारा और रेगिस्तान की मनमोहक शामें दूल्हा-दुल्हन के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव देती हैं।
जयपुर। राजा-महाराजाओं की धरती राजस्थान अब सिर्फ पर्यटन का केंद्र नहीं बल्कि भारत और विदेशों का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग हब बन चुका है। यहां के महलों की शाही भव्यता, झीलों का रोमांटिक नजारा और रेगिस्तान की मनमोहक शामें दूल्हा-दुल्हन के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव देती हैं। यही कारण है कि नवंबर से मार्च के सीजन में राजस्थान में शादियों का कारोबार 1000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाता है।
विदेशी जोड़ों से लेकर प्रवासी भारतीयों की पहली पसंद
राजस्थान में होने वाली डेस्टिनेशन शादियों में भारतीय प्रवासियों, एनआरआई परिवारों और उच्च वर्ग के उद्योगपतियों की संख्या सबसे ज्यादा है। हर शादी पर होने वाला खर्च 50 लाख रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है—कुछ हाई-प्रोफाइल शादियों में यह इससे भी कई गुना अधिक होता है।

होटलों में एक कमरे की कीमत 35 से 60 हजार तक
राजस्थान के लग्जरी होटल डेस्टिनेशन वेडिंग सीजन में महीनों पहले से फुल बुक हो जाते हैं।
प्रति व्यक्ति ठहराव और भोजन का औसत खर्च
- साधारण होटल: ₹5,000 – 7,000
- 3 सितारा होटल: ₹10,000 – 15,000
- 4 सितारा होटल: ₹25,000 – 40,000
- 5 सितारा होटल: ₹35,000 – 60,000
जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर में बड़े होटल चेन—ताज, ओबेरॉय, लीला, रैफल्स, फेयरमोंट, लगातार डेस्टिनेशन वेडिंग की मेजबानी कर रहे हैं।

राजस्थान में किन शहरों में होती हैं सबसे अधिक शादियां?
विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग का हिस्सा इस प्रकार है—
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शहर |
हिस्सा |
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जयपुर |
35% |
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उदयपुर |
25% |
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जोधपुर |
15% |
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पुष्कर, कुंभलगढ़, रणथंभौर, सामोद और अन्य |
10% |
यहां शादी कर चुके मशहूर लोग
- प्रियंका चोपड़ा–निक जोनास (उम्मेद भवन पैलेस, जोधपुर)
- लिज हर्ले–अरुण नायर (उम्मेद भवन और मेहरानगढ़)
- शिवराज सिंह चौहान के बेटेेट की शादी (उदयपुर)
- कई बॉलीवुड स्टार्स, बड़े उद्योगपति और NRI परिवार
अब धार्मिक स्थल भी वेडिंग डेस्टिनेशन
फेरों के बाद सीधे दर्शन का चलन बढ़ा है:
- खाटू श्यामजी
- नाथद्वारा
- पुष्कर ब्रह्मा मंदिर
- रणकपुर जैन मंदिर
- ओसियां माता
- सालासर बालाजी
- सामोद और पुष्कर के किले
उद्योग से जुड़े लोग क्या कहते हैं?
जयपुर के वेडिंग प्लानर मनीष शर्मा कहते हैं, “पहले लोग गोवा-केरल जाते थे, अब 10 में से 8 क्लाइंट राजस्थान ही मांगते हैं। विदेशी जोड़े भी अब सीधे उदयपुर-जोधपुर बुक कराते हैं।”
होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेला बोले, “इस सीजन हम 100% ऑक्यूपेंसी पर चल रहे हैं। शादियों से टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट, ज्वेलरी, कैटरिंग, फोटोग्राफी – हर सेक्टर को बूस्ट मिलता है।” राजस्थान अब सिर्फ “पधारो म्हारे देश” नहीं”, बल्कि “पधारो म्हारे शादी में” बन चुका है!

