शिमला-मनाली: बर्फबारी का कहर! सैलानियों के लिए जागरूकता संदेश
शिमला-मनाली में भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों के बंद होने और मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने सैलानियों के लिए जागरूकता संदेश जारी किया है।
शिमला-मनाली: बर्फबारी का कहर! सैलानियों के लिए जागरूकता संदेश
तुरंत सतर्कता: यात्रा टालें, जान बचाएं!
हिमाचल प्रदेश के शिमला-मनाली और आसपास के पर्यटन स्थलों पर भारी बर्फबारी ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है । जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में लगातार हिमपात के कारण राज्य में 1,291 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं । हजारों सैलानी सड़कों पर फंसे हुए हैं, वाहन दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है और बुनियादी सुविधाएं ठप पड़ी हैं ।
यदि आप शिमला-मनाली की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो कृपया तुरंत रुकें और मौसम सुधरने तक प्रतीक्षा करें।
क्या हो रहा है वहां? हालात की भयावहता

सड़कें और राजमार्ग पूरी तरह बंद
हिमाचल प्रदेश में इस समय 1,291 सड़कें यातायात के लिए पूर्णतः बंद हैं:
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शिमला जिले में 145 सड़कें बंद
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कुल्लू जिले में 25 सड़कें बंद
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मंडी जिले में 20 सड़कें बंद
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मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद
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शिमला से ढल्ली तक का भारत-तिब्बत रोड यातायात के लिए प्रतिबंधित
मनाली में ढाई फीट से अधिक बर्फ जमा हो चुकी है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है ।

8 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम: लोग घंटों फंसे
मनाली में 23-24 जनवरी को 8 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था । सैलानी अपने वाहनों में 8 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे । बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं सहित हजारों लोग:
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बिना खाने-पीने के घंटों तक जाम में फंसे रहे
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20-20 किलोमीटर पैदल चलकर अपने होटलों तक पहुंचने को मजबूर हुए
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वाहन में ही रात गुजारनी पड़ी, क्योंकि कोई रास्ता नहीं था
वाहन दुर्घटनाओं में भारी वृद्धि

अत्यधिक बर्फबारी और सड़कों पर जमी बर्फ के कारण:
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वाहन फिसलकर आपस में टकरा रहे हैं
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कई वाहन पहाड़ियों से नीचे गिरने के कगार पर पहुंच गए
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ब्लैक आइस (पारदर्शी बर्फ की परत) के कारण सड़कें अत्यंत फिसलनदार बन गई हैं
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ड्राइवर्स को गाड़ी चलाना असंभव हो गया है
बिजली ठप, संचार व्यवस्था बाधित
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4,800 बिजली ट्रांसफॉर्मर खराब हो चुके हैं
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कई इलाकों में 356 ट्रांसफॉर्मर फेल हो गए हैं
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होटलों और घरों में बिजली नहीं है
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मोबाइल नेटवर्क बाधित हो रहा है
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हीटिंग सिस्टम बंद होने से ठंड असहनीय हो गई है
खाना-पानी की किल्लत
सड़कों पर फंसे हजारों सैलानियों को:
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खाने के लिए रोटी नहीं मिल रही
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पीने के लिए पानी की कमी
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होटल पहुंचना असंभव हो गया है
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आपातकालीन राहत सेवाएं भी सड़कों पर नहीं पहुंच पा रही हैं
कब हुई स्नो फोल - समय-रेखा
23-24 जनवरी 2026 (शनिवार-रविवार)
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सुबह से दोपहर: मनाली और आसपास के इलाकों में अचानक तेज बर्फबारी शुरू हुई
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दोपहर 12 बजे के बाद: मनाली में 8 किलोमीटर लंबा जाम शुरू हुआ
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शाम तक: सैलानी 8 घंटे से अधिक जाम में फंसे रहे
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रात्रि: कई लोगों को वाहनों में ही रात बितानी पड़ी
25-28 जनवरी 2026 (सोमवार-बुधवार)
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मौसम विभाग ने 26-28 जनवरी के बीच और भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की
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हिमाचल सरकार ने पूरे राज्य में एडवाइजरी जारी की
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प्रशासन ने गैर-जरूरी यात्रा रोकने की अपील की
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कारण विश्लेषण
1. अत्यधिक बर्फबारी (मुख्य कारण)
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मनाली में ढाई फीट (लगभग 76 सेंटीमीटर) से अधिक बर्फ जमा हुई
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शिमला में 2.5 सेंटीमीटर बर्फबारी
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हामटा पास, सोलांग वैली, अटल टनल, सिस्सू, कोकसर में भारी हिमपात
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रोहतांग पास, शिंकुला पास, बारालाचा ला पूरी तरह बर्फ से ढके
2. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता
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सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण लगातार बर्फबारी
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मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसम प्रणाली 28 जनवरी तक सक्रिय रहने की संभावना
3. तापमान में अचानक गिरावट
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न्यूनतम तापमान में 4-6 डिग्री की गिरावट
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ब्लैक आइस (काली बर्फ) का निर्माण, जो पारदर्शी होने के कारण दिखाई नहीं देती लेकिन सड़क को अत्यंत फिसलनदार बना देती है
4. अत्यधिक पर्यटक भीड़
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नववर्ष 2026 और सर्दियों की छुट्टियों के कारण असामान्य रूप से भारी भीड़
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हजारों सैलानी एक साथ शिमला-मनाली पहुंचे
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सड़कों की क्षमता से कहीं अधिक वाहन
5. सड़क सफाई में देरी
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हालांकि सरकार ने 268 मशीनें और 2 स्नो ब्लोअर तैनात किए, लेकिन लगातार बर्फबारी के कारण सड़क सफाई संभव नहीं हो पाई
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राज्य ने 385 मशीनें बर्फ हटाने के लिए तैनात कीं, लेकिन तेज बर्फबारी ने सफाई कार्य को असंभव बना दिया
प्रभावित क्षेत्रों की सूची

पूरी तरह बंद मार्ग
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मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग (20 नवंबर से बंद)
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रोहतांग पास
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शिंकुला पास
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बारालाचा ला
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शिमला-ढल्ली मार्ग (ढल्ली से आगे बंद)
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गुबाला/मढ़ी से रोहतांग पास तक आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित
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जिंगजिंग बार से सरचू तक सभी वाहनों के लिए बंद
गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्र
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शिमला: रिज, मॉल रोड, जाखू पीक, कुफरी, फागू, चांसल, नारकंडा
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मनाली: सोलांग वैली, हामटा पास, अटल टनल क्षेत्र
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कुल्लू: पूरा जिला प्रभावित
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लाहौल-स्पीति: केलांग, दारचा, सिस्सू, कोकसर
क्या करें? सुरक्षा दिशा-निर्देश

यदि आप शिमला-मनाली जाने की योजना बना रहे हैं
तुरंत यात्रा रद्द करें
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कम से कम 7-10 दिन प्रतीक्षा करें जब तक मौसम पूरी तरह साफ न हो जाए
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28 जनवरी तक बर्फबारी जारी रहने की संभावना है
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गैर-जरूरी यात्रा न करें - प्रशासनिक अपील
यात्रा से पहले अनिवार्य जांच
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BRO (Border Roads Organisation) की नवीनतम एडवाइजरी देखें
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हिमाचल प्रदेश राज्य आपात केंद्र (SEOC) से सड़क स्थिति की जानकारी लें
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मौसम विभाग की ताजा चेतावनी पढ़ें
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जिला प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं का पालन करें
यदि आप पहले से वहां फंसे हैं
आपातकालीन सहायता
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तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें:
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शिमला जिला प्रशासन: आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
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कुल्लू-मनाली प्रशासन: राहत कार्य केंद्र
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लाहौल-स्पीति पुलिस: सड़क सहायता
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वाहन में फंसे हों तो:
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गाड़ी बिल्कुल न चलाएं - फिसलन और दुर्घटना का खतरा
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इंजन बंद रखें (ईंधन बचाने के लिए)
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गर्म कपड़े पहनें
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आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करें
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धैर्य रखें और राहत कार्यों का इंतजार करें
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होटल में सुरक्षित रहें:
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बाहर न निकलें
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होटल में ही रुकें, भले ही अधिक शुल्क देना पड़े
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खाने-पीने का स्टॉक रखें
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बिजली बैकअप की व्यवस्था करें
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बिल्कुल न करें ये गलतियां
| ये न करें | क्यों? |
|---|---|
| बर्फ में गाड़ी चलाना | ब्लैक आइस के कारण दुर्घटना की 90% संभावना |
| पहाड़ी रास्तों पर जिद करना | वाहन पहाड़ से नीचे गिर सकता है |
| अकेले यात्रा करना | आपातकाल में सहायता नहीं मिलेगी |
| मोबाइल बैटरी खत्म होने देना | संचार टूटने पर बचाव संभव नहीं |
| स्थानीय सलाह को नजरअंदाज करना | स्थानीय लोग मौसम को बेहतर जानते हैं |
क्यों इतना खतरनाक है अभी का मौसम?
रोमांचक दिखता है, लेकिन जानलेवा है
आप सोशल मीडिया पर खूबसूरत बर्फबारी की तस्वीरें देखकर आकर्षित हो सकते हैं , लेकिन वास्तविकता यह है:
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हर 100 मीटर पर दुर्घटना का खतरा: ब्लैक आइस और फिसलन
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हाइपोथर्मिया (शरीर का अत्यधिक ठंडा होना): -10°C से नीचे तापमान
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भोजन-पानी की कमी: सप्लाई चेन बाधित
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मेडिकल इमरजेंसी में मदद असंभव: एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती
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बच्चों और बुजुर्गों के लिए अत्यंत खतरनाक: कम प्रतिरोधक क्षमता
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आपातकालीन संपर्क नंबर
हिमाचल प्रदेश राज्य आपात केंद्र (SEOC)
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टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1077 (24×7)
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आपदा प्रबंधन: 1070
जिलावार प्रशासन
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शिमला DC कार्यालय: आपातकालीन नियंत्रण कक्ष
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कुल्लू DC कार्यालय: पर्यटक सहायता केंद्र
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मनाली प्रशासन: यातायात नियंत्रण
पुलिस और राहत
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लाहौल-स्पीति पुलिस: सड़क सहायता और बचाव
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हिमाचल पुलिस आपातकाल: 100
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राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF): गंभीर स्थितियों के लिए
कब सुधरेगा मौसम? कब करें यात्रा?

मौसम पूर्वानुमान
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28 जनवरी 2026 तक: भारी बर्फबारी जारी
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29 जनवरी से 2 फरवरी: धीरे-धीरे मौसम साफ होने की संभावना
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3-5 फरवरी: सड़क सफाई का कार्य तेज होगा
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7-10 फरवरी के बाद: सुरक्षित यात्रा संभव
सुरक्षित यात्रा के लिए इंतजार करें
फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद (10-15 फरवरी 2026 से) यात्रा करना सुरक्षित होगा, जब:
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सभी मुख्य सड़कें पूरी तरह साफ हो जाएं
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मौसम विभाग "ऑल क्लियर" घोषणा करे
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BRO और लोक निर्माण विभाग सड़क सुरक्षा की पुष्टि करें
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तापमान थोड़ा बढ़े और ब्लैक आइस का खतरा कम हो
जिम्मेदार पर्यटन: हमारी अपील
सुरक्षा सर्वोपरि है
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सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में न डालें: खूबसूरत तस्वीरें बाद में भी मिल सकती हैं, लेकिन जीवन एक बार ही मिलता है
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प्रकृति का सम्मान करें: पहाड़ों पर प्रकृति सर्वशक्तिमान है
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परिवार की जिम्मेदारी लें: बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा आपके हाथ में है
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अति-आत्मविश्वास जानलेवा है: "मैं संभाल लूंगा" की सोच से बचें
वैकल्पिक यात्रा स्थल
यदि आप बर्फ का आनंद लेना चाहते हैं, तो इन सुरक्षित विकल्पों पर विचार करें:
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औली (उत्तराखंड): बेहतर सड़क कनेक्टिविटी
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गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर): प्रबंधित पर्यटन सुविधाएं
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धर्मशाला-मैक्लॉडगंज: अपेक्षाकृत सुरक्षित और कम बर्फबारी
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नैनीताल-मसूरी: निचली पहाड़ियां, सुरक्षित रास्ते

अंतिम संदेश
प्रिय पर्यटकों और यात्रियों,
शिमला-मनाली की खूबसूरती कहीं नहीं जा रही। बर्फ अभी भी वहां होगी, पहाड़ अभी भी खड़े होंगे, और प्रकृति का अद्भुत नजारा आपका इंतजार करेगा। लेकिन आपकी जान सबसे कीमती है।
कृपया धैर्य रखें। मौसम सुधरने का इंतजार करें। सुरक्षित यात्रा ही सफल यात्रा है।
यदि आप पहले से वहां फंसे हैं, तो घबराएं नहीं। प्रशासन और राहत दल आपकी मदद के लिए काम कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

