Gold Silver Price Today 9 July 2026: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें क्यों सस्ता हुआ गोल्ड और सिल्वर
Gold Silver Price Today 9 July 2026: सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जानें MCX और Comex के ताजा भाव, गिरावट की वजह और निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह।
Gold Silver Price Today 9 July 2026: सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। ऐसे में सोना और चांदी दोनों ही पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में सस्ते स्तर पर कारोबार करते नजर आए। यदि आप आभूषण खरीदने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अहम हो सकता है।
MCX पर सोने-चांदी के दाम में नरमी
घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोने का भाव लगभग 1.43 लाख से 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी की कीमत भी फिसलकर 2.23 लाख से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई। लगातार तीसरे दिन दोनों कीमती धातुओं में दबाव देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी
कॉमेक्स (Comex) बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 4,067 डॉलर प्रति औंस और चांदी 58.045 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखाई दी। वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख का असर कीमती धातुओं पर साफ नजर आया।
क्यों गिरे सोने और चांदी के भाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी मौद्रिक नीति पर अधिक है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है, जिसके चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। यही कारण है कि सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
फेडरल रिजर्व के संकेतों का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स से संकेत मिले हैं कि फिलहाल ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम है। महंगाई अभी भी तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, इसलिए केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकता है। ऊंची ब्याज दरों की संभावना से सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ा है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा फैसला लेने के बजाय वैश्विक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और अमेरिकी फेड के अगले संकेतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

