क्या बाबा बालकनाथ होंगे राजस्थान के अगले CM? जानें संत से विधायक तक का पूरा राजनीतिक सफर
राजस्थान भाजपा में बाबा बालकनाथ तेजी से उभरे प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। संत से सांसद और फिर विधायक तक का उनका सफर उन्हें भविष्य के संभावित नेतृत्व की चर्चाओं में लगातार बनाए हुए है। हालांकि मुख्यमंत्री बनने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं है, लेकिन समर्थकों के बीच उनकी लोकप्रियता और संगठन में बढ़ता प्रभाव उन्हें चर्चा के केंद्र में रखता है।
राजस्थान की राजनीति में जब भी भाजपा के भविष्य के नेतृत्व की चर्चा होती है, महंत बाबा बालकनाथ का नाम प्रमुखता से सामने आता है। समर्थक उन्हें "राजस्थान का योगी" कहते हैं, क्योंकि वे नाथ संप्रदाय से जुड़े संत हैं और उनकी छवि हिंदुत्ववादी नेता के रूप में बनी है। अलवर जिले के कोहराना गांव में जन्मे बाबा बालकनाथ को कम उम्र में ही आध्यात्मिक शिक्षा के लिए भेजा गया। वर्ष 2016 में उन्हें बाबा मस्तनाथ मठ का आठवां महंत बनाया गया। साल 2019 में भाजपा ने उन्हें अलवर से लोकसभा चुनाव लड़ाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर संसद पहुंचकर किसानों, गौसंरक्षण और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दे उठाए। 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें तिजारा सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने शानदार जीत हासिल की। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद की चर्चाओं में उनका नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल रहा, हालांकि भाजपा ने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री चुना। बाबा बालकनाथ की पहचान उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि, युवाओं में लोकप्रियता, संगठन में मजबूत पकड़ और व्यापक जनसमर्थन से बनी है। भविष्य में वे राजस्थान भाजपा के बड़े नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे या नहीं, इसका फैसला समय, पार्टी नेतृत्व और राजनीतिक परिस्थितियां करेंगी। फिलहाल वे राज्य की राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में गिने जाते हैं।
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