राजस्थान में प्रसूताओं की मौत पर सियासी पारा हाई, भीलवाड़ा में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा में दो महिलाओं की मौत

राजस्थान में सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोटा और बीकानेर के बाद अब भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में छह दिनों में पांच और बांसवाड़ा में एक दिन में दो प्रसूताओं की मौत के बाद विपक्ष ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सांसद हनुमान बेनीवाल ने निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

राजस्थान में प्रसूताओं की मौत पर सियासी पारा हाई, भीलवाड़ा में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा में दो महिलाओं की मौत

राजस्थान में प्रसूताओं की मौत पर बढ़ा सियासी घमासान, भीलवाड़ा में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा में 2 महिलाओं की मौत

राजस्थान में सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोटा और बीकानेर के बाद अब भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में सामने आए मामलों ने राजनीतिक माहौल भी गरमा दिया है। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में छह दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, जबकि बांसवाड़ा के सरकारी अस्पताल में शुक्रवार को दो प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आया।

जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 5 जुलाई से 10 जुलाई के बीच शिमला गुर्जर, फोरी देवी, ईशा पांडे, दिव्या और संगीता जीनगर की मौत हुई। सभी महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौतें गंभीर प्रसूति जटिलताओं के कारण हुई हैं और डॉक्टरों की लापरवाही के आरोपों से इनकार किया गया है। 




पूर्व CM अशोक गहलोत का सरकार पर निशाना
इन घटनाओं के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "भीलवाड़ा और बांसवाड़ा की घटनाएं बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि यदि संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव थी और सर्जिकल संसाधनों की कमी के बावजूद लगातार ऑपरेशन किए गए, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। गहलोत ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से विशेषज्ञों की टीम भेजकर निष्पक्ष जांच कराने और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की।"




हनुमान बेनीवाल के निशाने पर बीजेपी
वहीं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि "राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार माताओं की जान ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि संक्रमण और उपकरणों की कमी के बावजूद सिजेरियन ऑपरेशन किए गए तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने दोषियों की जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।"

गौरतलब है कि इससे पहले मई में कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत हुई थी, जबकि जून में बीकानेर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद छह महिलाओं की किडनी फेल होने का मामला सामने आया था, जिनमें दो की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 


देश-दुनिया की हर बड़ी और ताजा खबर सबसे पहले पाने के लिए जुड़े रहिए PK TIMES के साथ। हमारी टीम हर पल आपको सटीक, तेज और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए तैयार है। राजनीति से लेकर जन सरोकार सहित हर महत्वपूर्ण अपडेट अब एक ही प्लेटफॉर्म पर। PK TIMES ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करें और कहीं भी,कभी भी खबरों से अपडेट रहें।