अब सस्ते होंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान! सरकार के इस बड़े फैसले से बदल सकती है कीमतें
केंद्र सरकार ने कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है। इस फैसले से मोबाइल, EV, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। जानें किन कंपोनेंट्स को राहत मिली और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा।
Customs Duty on Electronics Parts: केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को गति देने के लिए कई अहम इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क (कस्टम ड्यूटी) पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र के रूप में मजबूत बनाना है।
इन इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी
सरकार के नए फैसले के तहत ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण और औद्योगिक उपयोग में आने वाले डिस्प्ले मॉड्यूल असेंबली के जरूरी पार्ट्स पर अब कस्टम ड्यूटी नहीं देनी होगी। इसके अलावा स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल के कई प्रमुख कंपोनेंट्स को भी शुल्क मुक्त कर दिया गया है।
डिस्प्ले सेल्स से लेकर NFC कॉइल तक को मिली राहत
नई टैक्स छूट का लाभ कई महत्वपूर्ण कच्चे माल और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को मिलेगा। इनमें डिस्प्ले सेल, बैकलाइट यूनिट, फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPC), NFC कॉइल और नियोडिमियम आयरन बोरॉन (NdFeB) मैग्नेट जैसे कंपोनेंट्स शामिल हैं। इनका उपयोग स्मार्टफोन, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
2029 तक लागू रहेगी नई व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कस्टम ड्यूटी छूट 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी। लंबी अवधि की इस राहत से घरेलू और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने और उत्पादन क्षमता विस्तार की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क हटने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की उत्पादन लागत कम होगी। इससे भारत में बनने वाले उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। फिलहाल देश स्मार्टफोन असेंबली में मजबूत स्थिति बना चुका है, लेकिन कई महत्वपूर्ण पार्ट्स के लिए अभी भी विदेशी आयात पर निर्भरता बनी हुई है।
सोलर और बैटरी सेक्टर को भी राहत
सरकार ने सोलर उपकरण और ईपीसी कंपनियों के लिए भी कई अहम राहतों का ऐलान किया है। साथ ही लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की सूची का विस्तार करते हुए अब 85 प्रकार की मशीनों को आयात शुल्क में छूट के दायरे में शामिल किया गया है।
इसके अलावा सॉल्वेंट रिकवरी सिस्टम, हीट रिकवरी सिस्टम, डस्ट कलेक्शन यूनिट और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट सिस्टम जैसी सहायक मशीनों को भी इस राहत का लाभ मिलेगा।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस फैसले का तत्काल असर उपभोक्ताओं पर भले ही दिखाई न दे, लेकिन आने वाले समय में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की उत्पादन लागत घट सकती है। यदि कंपनियां इसका लाभ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो भविष्य में इन उत्पादों की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

