Rajasthan RGHS New Guidelines: भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला, 2,000 रुपये तक की जांच बिना अनुमति होगी, 13 जुलाई से लागू होंगे नए नियम
राजस्थान सरकार ने RGHS योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब 2,000 रुपये तक की OPD जांच बिना अनुमति होगी, जबकि इससे अधिक की जांच के लिए प्री-अथॉराइजेशन अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था 13 जुलाई 2026 से लागू होगी।
राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने नियमित ओपीडी जांच (OPD Investigations) के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब 2,000 रुपये तक की जांच बिना किसी पूर्व अनुमति के कराई जा सकेगी, जबकि इससे अधिक राशि की जांच के लिए पहले से ऑनलाइन मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
सरकार की ओर से जारी यह नई व्यवस्था 13 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।
2,000 रुपये से अधिक की जांच पर लेनी होगी मंजूरी
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RGHS) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यदि किसी मरीज की ओपीडी जांच का कुल खर्च 2,000 रुपये से अधिक होता है, तो अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर को पहले RGHS पोर्टल पर प्री-अथॉराइजेशन के लिए आवेदन करना होगा।
इस आवेदन के साथ मरीज की ओपीडी पर्ची, मेडिकल हिस्ट्री, पुरानी जांच रिपोर्ट और संबंधित जांच की चिकित्सकीय आवश्यकता का स्पष्ट विवरण भी अपलोड करना अनिवार्य रहेगा।
इमरजेंसी मरीजों को नहीं होगी देरी
सरकार ने आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत भी दी है। नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि इमरजेंसी केस में किसी भी प्रकार की पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर मरीज की हालत को देखते हुए तुरंत आवश्यक जांच करा सकेंगे। हालांकि बाद में अस्पताल को मरीज से संबंधित सभी मेडिकल दस्तावेज और जांच का कारण RGHS पोर्टल पर अपलोड करना होगा, ताकि रिकॉर्ड और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो सके।
तय समय में मिलेगा प्री-अथॉराइजेशन
नई व्यवस्था के तहत मंजूरी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है ताकि मरीजों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
इमरजेंसी मामलों में थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) को एक घंटे के भीतर निर्णय देना होगा।
सामान्य मामलों में अधिकतम तीन घंटे के भीतर आवेदन पर फैसला लेना होगा।
यदि तय समय सीमा के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो संबंधित आवेदन को स्वतः स्वीकृत (Auto Approval) माना जाएगा।
अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को दिए गए निर्देश
राजस्थान सरकार ने RGHS से जुड़े सभी निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) को नई गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य मंजूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाना है, ताकि उपचार के दौरान अनावश्यक देरी न हो।
13 जुलाई से लागू होगी नई व्यवस्था
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नई गाइडलाइन 13 जुलाई 2026 या उसके बाद किए जाने वाले सभी OPD रूटीन इन्वेस्टिगेशन अनुरोधों पर लागू होगी।
सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को समय पर जांच की सुविधा मिलेगी, अस्पतालों की प्रक्रिया आसान होगी और RGHS पोर्टल के माध्यम से अनुमोदन प्रणाली पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।

