जैसलमेर बस हादसा, अब तक 22 की मौत, लापरवाही पर दो अफसर सस्पेंड
जैसलमेर में हुए दर्दनाक बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। हादसे में झुलसे चार यात्रियों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
जैसलमेर में हुए दर्दनाक बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। हादसे में झुलसे चार यात्रियों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इस हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। शोक के साथ-साथ जनता में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
प्रशासन ने हादसे के पीछे सामने आई लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए दो जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में तकनीकी खराबी की शिकायत पहले से थी, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया।
SIT का गठन
जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- SIT का गठन किया गया है। मामले की जांच कर जल्दी ही रिपोर्ट दी जाएगी।
उधर, चित्तौड़गढ़ जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) कार्यालय में पंजीकृत थी। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया गया है
हादसा जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर उस समय हुआ जब यात्री बस में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई लोग मौके पर ही झुलस गए, जबकि बाकी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम बनाई गई है। साथ ही, मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी अधिकारी या कर्मचारी हादसे के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

