उदयपुर में तेंदुए की दहशत, भूपालपुरा की कृष्णपुरा कॉलोनी में घुसा लेपर्ड, 8 घंटे बाद ट्रैं क्यूलाइज कर रेस्क्यू
राजस्थान के उदयपुर शहर में एक बार फिर तेंदुए ने दहशत फैला दी। भूपालपुरा क्षेत्र की कृष्णपुरा कॉलोनी में गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे एक तेंदुए की मूवमेंट देखी गई।
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर में एक बार फिर तेंदुए ने दहशत फैला दी। भूपालपुरा क्षेत्र की कृष्णपुरा कॉलोनी में गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे एक तेंदुए की मूवमेंट देखी गई। स्थानीय निवासी विमल शकावत ने सबसे पहले तेंदुए को कॉलोनी में देखा और तुरंत अपने भाई को सूचित किया। इसके बाद पुलिस और वन विभाग को जानकारी दी गई।
वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ एक घर की दीवार पर चढ़ा, फिर छलांग लगाकर नीचे उतरा और दूसरे घर में घुस गया। इसके बाद वह कुछ देर तक घरों के बीच लोकेशन बदलता रहा, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों में दुबक गए और बाहर निकलने से डरने लगे। यह सिलसिला करीब 8 घंटे से ज्यादा चला।
माना जा रहा है कि तेंदुआ आयड़ नदी के किनारे से आबादी वाले इलाके में भटक कर आया था, जो कृष्णपुरा कॉलोनी के पीछे बहती है। सूचना मिलते ही भूपालपुरा पुलिस थाने की टीम और वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अलग-अलग जगहों पर तेंदुए की तलाश शुरू की। इस दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। खतरे को देखते हुए पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने और हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
राहत की बात यह है कि वन विभाग की टीम ने अंततः तेंदुए को ट्रैं क्यूलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और उसे जंगल में ले जाया गया। इस घटना में किसी को चोट नहीं पहुंची, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। उदयपुर में तेंदुए का आबादी वाले क्षेत्रों में आना नई बात नहीं है, क्योंकि शहर के आसपास पहाड़ियां और जंगल होने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसी किसी मूवमेंट की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
उदयपुर में हाल के वर्षों में तेंदुए की ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें कई बार रिहायशी इलाकों, होस्टल या घरों में घुसने के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का अतिक्रमण और शिकार की कमी ऐसे संघर्ष का मुख्य कारण है।

