छात्रसंघ चुनाव पर राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज, सरकार को मिली राहत
राजस्थान हाईकोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव से जुड़े मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने अहम फैसले में स्पष्ट कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक अधिकार जरूर है, लेकिन यह शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव से जुड़े मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने अहम फैसले में स्पष्ट कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक अधिकार जरूर है, लेकिन यह शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता। इस फैसले के साथ ही राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है।
आज 19 दिसंबर को हाईकोर्ट की जस्टिस उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले 14 नवंबर को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रखा था।
कॉलेज परिसरों में चुनावी गतिविधियों पर रोक
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कॉलेज परिसरों में चुनाव संबंधी कोई कार्य नहीं करवाया जाए। साथ ही कोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर चुनाव आयोग को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।
सरकार से मांगी नीति, कमेटी गठन के निर्देश
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक स्पष्ट और ठोस नीति निर्धारित करे। एडवोकेट तुषार पंवार ने बताया कि कोर्ट ने इस उद्देश्य से एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए हैं, जो यह तय करेगी कि छात्रसंघ चुनाव कब, कैसे और किन शर्तों पर कराए जाएं।
“चुनाव क्यों नहीं करवाने हैं, सरकार बताए”
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो सरकार को इसके पीछे ठोस कारण और नीति स्पष्ट करनी होगी। यह फैसला आने वाले समय में छात्र राजनीति और उच्च शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

