शिक्षकों की भारी कमी से नाराज़ छात्र सड़क पर उतरे, राष्ट्रीय राजमार्ग 325 किया जाम
राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था की खस्ताहाल स्थिति का एक और उदाहरण बालोतरा जिले के सिवाना उपखंड से सामने आया है। काठाड़ी गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को शिक्षकों की भारी कमी से परेशान होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 325 (NH-325) को जाम कर दिया।
बालोतरा। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था की खस्ताहाल स्थिति का एक और उदाहरण बालोतरा जिले के सिवाना उपखंड से सामने आया है। काठाड़ी गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को शिक्षकों की भारी कमी से परेशान होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 325 (NH-325) को जाम कर दिया। गुस्साए विद्यार्थियों ने स्कूल गेट पर ताला लगाकर अभिभावकों के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
बोर्ड परीक्षाओं से पहले ठप पड़ी पढ़ाई
छात्रों ने बताया कि स्कूल में कुल 18 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस समय केवल 3 अध्यापक ही कार्यरत हैं। शेष पद वर्षों से खाली हैं, जिसके चलते शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक होने के बावजूद स्कूल में नियमित कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं।

कई बार शिकायत की, कोई सुनवाई नहीं
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक किसी ने संज्ञान नहीं लिया। इससे मजबूर होकर छात्रों ने सड़क पर उतरने का निर्णय लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्र “टीचर दो, शिक्षा बचाओ” जैसे नारे लगाते रहे।
प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम
सूचना मिलने पर मौके पर सिवाना थाना पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे। काफी समझाइश के बाद छात्रों ने जाम खोला और सामान्य यातायात बहाल हुआ। अधिकारियों ने जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया।

ग्रामीण शिक्षा में गिरता स्तर
ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की कमी का यह मामला कोई नया नहीं है। राज्य के कई जिलों में सरकारी स्कूलों में शिक्षक पदों पर लगातार रिक्तियाँ बनी हुई हैं। विशेष रूप से संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ रहा है।

