धर्म परिवर्तन कराने या करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, राजस्थान में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू

राजस्थान सरकार ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार 29 अक्टूबर 2025 से यह कानून पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है।

धर्म परिवर्तन कराने या करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, राजस्थान में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार 29 अक्टूबर 2025 से यह कानून पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य जबरन, प्रलोभन या धोखे से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन की रोकथाम करना है, ताकि समाज में सौहार्द और धार्मिक स्वतंत्रता बनी रहे।

 कानून का उद्देश्य और प्रावधान

राज्य सरकार के अनुसार, यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा और जबरन धर्म परिवर्तन की रोकथाम के लिए बनाया गया है।

इस कानून के तहत

  • किसी भी व्यक्ति द्वारा जबरन, धमकी, प्रलोभन या छल से धर्म परिवर्तन कराना अब दंडनीय अपराध होगा।
  • धर्म परिवर्तन कराने या करने से पहले प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगी।
  • बिना अनुमति धर्म परिवर्तन कराने या करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 बिना अनुमति धर्म परिवर्तन कराने वालों पर होगी कड़ी सज़ा

गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कानून के उल्लंघन पर दोषी को सख्त कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान किया गया है। यदि धर्म परिवर्तन नाबालिगों, महिलाओं, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों से संबंधित होगा, तो सज़ा की अवधि और जुर्माना दोनों बढ़ा दिए जाएंगे।

 राज्य सरकार का बयान

राजस्थान गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि —“राज्य में हाल के वर्षों में जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी शिकायतों को देखते हुए यह कानून आवश्यक हो गया था। सरकार का उद्देश्य किसी की धार्मिक स्वतंत्रता छीनना नहीं, बल्कि धर्म परिवर्तन की पारदर्शिता और कानूनी वैधता सुनिश्चित करना है।”

 धर्मांतरण विरोधी अधिनियम कब और क्यों बना

राजस्थान विधानसभा में इस कानून का प्रस्ताव 2021 में पारित हुआ था, लेकिन कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं और अनुमोदन में देरी के कारण इसे अब लागू किया गया है। अब गृह विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद से यह अधिनियम पूरे राज्य में प्रभावी हो गया है।

 क्या करना होगा धर्म परिवर्तन से पहले

कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो अपना धर्म बदलना चाहता है, उसे 30 दिन पूर्व जिला मजिस्ट्रेट को लिखित सूचना देनी होगी। धर्म परिवर्तन करने वाले धार्मिक गुरु या संस्था को भी 15 दिन पहले प्रशासन को जानकारी देनी होगी। उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 राजस्थान में धर्मांतरण पर रोक के बाद क्या बदल जाएगा

अब राज्य में किसी भी प्रकार के धार्मिक प्रलोभन, धमकी या दबाव डालकर धर्म परिवर्तन, और धार्मिक आयोजन के माध्यम से गुप्त धर्मांतरण पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि इससे सामाजिक सौहार्द, कानून व्यवस्था और धार्मिक समानता को मजबूती मिलेगी।