कोटपूतली में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 4 घंटे में सकुशल बरामद

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब 65 वर्षीय जाने-माने प्रॉपर्टी कारोबारी कैलाश विजयवर्गीय का उनके घर के बाहर से दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया और फरार हो गए।

कोटपूतली में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 4 घंटे में सकुशल बरामद

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब 65 वर्षीय जाने-माने प्रॉपर्टी कारोबारी कैलाश विजयवर्गीय का उनके घर के बाहर से दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया और फरार हो गए।

घटना सुबह करीब 11 बजे आरके विहार कॉलोनी की बताई जा रही है, जब कैलाश विजयवर्गीय मंदिर जाने के लिए घर से निकले थे। प्रत्यक्षदर्शी एक पड़ोसन ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग उन्हें ज़बरदस्ती गाड़ी में ठूंस रहे थे। मौके पर उनकी बाइक और एक जूता पड़ा मिला।

सूचना मिलते ही कोटपूतली डीएसपी राजेंद्र बुरड़क के नेतृत्व में पुलिस हरकत में आई। पूरे शहर को मिनटों में सील कर दिया गया, सभी मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी कर दी गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने लगे। ग्रामीण इलाकों में भी लगातार दबिश दी गई।

पुलिस के इतने तगड़े दबाव और घेराबंदी से बदमाश बुरी तरह घबरा गए। महज 4 घंटे के अंदर अपहरणकर्ताओं ने कैलाश विजयवर्गीय को नाहरेड़ा गांव के पास सड़क किनारे छोड़कर भाग निकले। पुलिस टीम ने तुरंत उन्हें सकुशल बरामद कर लिया।

डीएसपी राजेंद्र बुरड़क ने बताया, “पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई से हमने पीड़ित को बिना कोई नुकसान पहुंचे बचा लिया। अब सभी टीमें अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी हैं। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जल्द गिरफ्तारी होगी।”

परिवार ने पुलिस का आभार जताते हुए राहत की सांस ली है। अब पुलिस कैलाश विजयवर्गीय से विस्तृत बयान लेगी ताकि अपहरण के पीछे का असली मकसद (फिरौती, पुरानी रंजिश या प्रॉपर्टी विवाद) पता चल सके।