मॉडल स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ का शर्मनाक मामला, शिक्षक और प्रिंसिपल दोनों एपीओ 56 छात्राओं ने दी लिखित शिकायत
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खंडार स्थित राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी कंप्यूटर शिक्षक अब्दुल मारूफ और कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुकेश कौशल पर छात्राओं ने संगीन आरोप लगाए हैं।
सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खंडार स्थित राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी कंप्यूटर शिक्षक अब्दुल मारूफ और कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुकेश कौशल पर छात्राओं ने संगीन आरोप लगाए हैं। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया है।
56 छात्राओं ने लिखित शिकायत देकर खोला राज
मामला सबसे पहले 13 नवंबर को उस समय उजागर हुआ जब कक्षा 7वीं की कुछ छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर शिक्षक अब्दुल मारूफ के खिलाफ लिखित शिकायत दी। छात्राओं ने बताया कि शिक्षक कॉपियों में नंबर बढ़ाने के बहाने उन्हें अकेले में बुलाता था और छेड़छाड़ करता था। कंप्यूटर लैब में भी वह गलत हरकतें करता था। डर और दबाव के कारण लंबे समय तक छात्राएं चुप रहीं, लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाई और शिकायत की।
सूचना मिलते ही अभिभावक स्कूल पहुंचे और गुस्साए परिजनों ने शिक्षक की पिटाई भी कर दी। इसके बाद तो जैसे बांध टूट गया। कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कुल 56 छात्राओं ने लिखित बयान देकर शिक्षक अब्दुल मारूफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्राओं ने बताया कि आरोपी लंबे समय से लैब के दौरान गलत व्यवहार कर रहा था और कई छात्राओं को चुप रहने के लिए धमकाया जाता था।
प्रधानाचार्य पर भी गंभीर आरोप, रात में भेजता था व्हाट्सएप मैसेज
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। तीन सदस्यीय जांच कमेटी के सामने छात्राओं ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुकेश कौशल पर भी संगीन आरोप लगाए। छात्राओं ने बताया कि:
- प्रिंसिपल उन्हें अपने कमरे में अकेले बुलाता था
- सोशल मीडिया आईडी और मोबाइल नंबर मांगता था
- रात में व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर दबाव बनाता था
- असहज करने वाली बातें करता था
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) के निर्देश पर तुरंत तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने स्कूल पहुंचकर सभी छात्राओं से अलग-अलग बयान लिए। जांच में दोनों आरोप सही पाए गए।
ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी खंडार ने तत्काल प्रभाव से:
- कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुकेश कौशल को एपीओ कर उनका मुख्यालय सीडीईओ कार्यालय सवाई माधोपुर निर्धारित किया
- आरोपी शिक्षक अब्दुल मारूफ को भी एपीओ कर दिया
जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी गई
गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट निम्न अधिकारियों को सौंप दी है:
- जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर
- मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी
- जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)
- समग्र शिक्षा के एडीपीसी
- मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार
समग्र शिक्षा के एडीपीसी दिनेश गुप्ता ने बताया, “तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरी जांच की है। रिपोर्ट निदेशालय भेज दी गई है। दोनों आरोपी कर्मियों को एपीओ कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर होगी।”
अभिभावकों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज हो और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। एक अभिभावक ने कहा, “हम अपनी बेटियों को सुरक्षित हाथों में सौंपते हैं, लेकिन यहां तो शिक्षक ही भेड़िए बन गए। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।”
मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावक स्कूलों में लड़कियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, महिला स्टाफ और सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपी एपीओ हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

