जैसलमेर बस अग्निकांड में 22वीं मौत, परिजनों का धरना जारी, मुआवजे और न्याय की मांग

जैसलमेर बस अग्निकांड में एक और घायल ने दम तोड़ दिया है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। इस बीच मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है।

जैसलमेर बस अग्निकांड में 22वीं मौत, परिजनों का धरना जारी, मुआवजे और न्याय की मांग

जैसलमेर बस अग्निकांड में एक और घायल ने दम तोड़ दिया है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। इस बीच मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है। परिजनों ने DNA टेस्ट और पोस्टमॉर्टम के बाद भी शव लेने से इनकार कर दिया है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब तक सरकार स्पष्ट मुआवजे की घोषणा नहीं करती और हादसे के असली जिम्मेदारों को सजा नहीं दिलाई जाती, वे शव नहीं लेंगे। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद न तो मुख्यमंत्री ने पीड़ितों से सीधा संवाद किया, और न ही कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दी।

 

पीड़ितों की मांगें

  • मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा
  • सभी पीड़ित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
  • हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और बस कंपनी पर कार्रवाई
  • हादसे की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच

स्थिति तनावपूर्ण, भारी पुलिस बल तैनात
घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार पीड़ितों से संवाद करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन धरना अभी भी जारी है।

सरकार की ओर से आश्वासन
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है और मुआवजे व अन्य मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, पीड़ित अभी भी ठोस लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।

SIT का गठन

जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- SIT का गठन किया गया है। मामले की जांच कर जल्दी ही रिपोर्ट दी जाएगी।

उधर, चित्तौड़गढ़ जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) कार्यालय में पंजीकृत थी। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया गया है।