घने कोहरे के कारण 5 उड़ानें जयपुर एयरपोर्ट डायवर्ट, एयरपोर्ट बना उत्तर भारत का प्रमुख वैकल्पिक हब
उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों पर घने कोहरे के चलते उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। 19 दिसंबर 2025 की रात 10:30 बजे से 20 दिसंबर सुबह 11 बजे तक कुल 5 उड़ानों को जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया।
जयपुर। उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों पर घने कोहरे के चलते उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। 19 दिसंबर 2025 की रात 10:30 बजे से 20 दिसंबर सुबह 11 बजे तक कुल 5 उड़ानों को जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया। जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने विमानों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, खराब दृश्यता के कारण कई शहरों में लैंडिंग संभव नहीं हो पाई, ऐसे में जयपुर एयरपोर्ट को वैकल्पिक हवाई अड्डे के रूप में उपयोग किया गया।
ये उड़ानें की गईं जयपुर डायवर्ट
6E 6506 – अहमदाबाद से चंडीगढ़
6E 6252 – हैदराबाद से चंडीगढ़
6E 6385 – बेंगलुरु से चंडीगढ़
6E 6321 – भुवनेश्वर से देहरादून
6E 568 – अहमदाबाद से देहरादून
कई विमानन कंपनियों ने कोहरे को देखते हुए यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। जयपुर हवाई अड्डा लगातार उत्तर भारत में फ्लाइट डायवर्जन के लिए मुख्य वैकल्पिक एयरपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।
CAT-III सिस्टम बना जयपुर की ताकत
जयपुर एयरपोर्ट पर CAT-III इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) उपलब्ध है, जो दुनिया की सबसे आधुनिक नेविगेशन तकनीकों में गिनी जाती है। इस सिस्टम की मदद से विमान कम से कम दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं।
पिछले साल भी हुआ था बड़े पैमाने पर डायवर्जन
आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच करीब 80 उड़ानें दिल्ली से जयपुर एयरपोर्ट डायवर्ट की गई थीं। यही कारण है कि सर्दियों के मौसम में जयपुर एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक भरोसेमंद बैकअप एयरपोर्ट बनकर उभर रहा है।

