कोटा पुलिस का 'ऑपरेशन गरुड़ व्यूह': नशे के सौदागरों पर कसा शिकंजा, छात्रों को बचाने का अभियान तेज

कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में अब नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कोटा पुलिस ने 'ऑपरेशन गरुड़ व्यूह' के तहत नशा तस्करों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है।

कोटा पुलिस का 'ऑपरेशन गरुड़ व्यूह': नशे के सौदागरों पर कसा शिकंजा, छात्रों को बचाने का अभियान तेज

कोटा। कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में अब नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कोटा पुलिस ने 'ऑपरेशन गरुड़ व्यूह' के तहत नशा तस्करों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है, जिससे शहर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान की कमान खुद शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम संभाल रही हैं, जो टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की मॉनीटरिंग कर रही हैं।

कोटा में हर साल देशभर से लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे IIT-JEE, NEET) की तैयारी के लिए आते हैं। परीक्षा का तनाव और दूर रहने की मजबूरी में कई छात्र नशे के जाल में फंस जाते हैं। नशे के सौदागर इन्हीं छात्रों को अपना आसान निशाना बनाते हैं। लेकिन अब पुलिस ने इस समस्या की जड़ पर प्रहार करना शुरू कर दिया है। अभियान में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर (9530443141) जारी किया गया है, जहां सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है। इससे आमजन और छात्रों में जागरूकता बढ़ी है और पुलिस को पिनपॉइंट सूचनाएं मिल रही हैं, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई हो रही है।

पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक कर रही हैं। अभियान में न केवल नशे की खेप जब्त की जा रही है, बल्कि तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। हालिया कार्रवाइयों में एक बड़ा उदाहरण अक्टूबर 2025 में देखने को मिला, जब पुलिस ने 316 किलोग्राम डोडा चूरा (लगभग 47.5 लाख रुपये का) और एक लग्जरी SUV जब्त की।

इस साल अभियान के तहत सैकड़ों कार्रवाइयां की जा चुकी हैं, जिसमें करोड़ों रुपये के अवैध मादक पदार्थ बरामद हुए हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि नशे के कारोबारियों को इतनी कड़ी सजा मिले कि वे हमेशा के लिए इस धंधे से तौबा कर लें।

कोटा पुलिस का यह अभियान छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। आमजन से अपील है कि नशे की किसी भी गतिविधि की सूचना पुलिस को दें, ताकि कोटा वाकई एक सुरक्षित और नशा मुक्त कोचिंग हब बन सके।