राजस्थान में SC/ST अत्याचार के मामलों में भारी गिरावट: दो साल में 28.23% की कमी, पुलिस की सख्ती रंग लाई

राजस्थान में दलित-आदिवासी समुदाय के खिलाफ होने वाले अत्याचार के मामलों में पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व गिरावट दर्ज की गई है।

राजस्थान में SC/ST अत्याचार के मामलों में भारी गिरावट: दो साल में 28.23% की कमी, पुलिस की सख्ती रंग लाई

जयपुर। राजस्थान में दलित-आदिवासी समुदाय के खिलाफ होने वाले अत्याचार के मामलों में पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व गिरावट दर्ज की गई है। CCTNS के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में जहां 10,273 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 7,373 रह गई है। यानी पूरे दो साल में 2,900 मामलों की कमी, जो 28.23 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्शाती है।

खास बात यह है कि यह गिरावट लगातार बनी हुई है।

नवंबर 2024 की तुलना में नवंबर 2025 में 17% की कमी

नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 में 28.23% की कमी

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने इसे पुलिस की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और नए आपराधिक कानूनों के सख्त क्रियान्वयन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराध रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले दो साल में हमने संवेदनशीलता के साथ-साथ तकनीक और तेज जांच पर जोर दिया, जिसका सकारात्मक असर साफ दिख रहा है।”

जांच में भी रिकॉर्ड तेजी

2023 में एक मामले की जांच में औसतन 124 दिन लगते थे

2024 में यह घटकर 109 दिन

2025 में महज 75 दिन

यानी जांच की गति में लगभग 40% की बढ़ोतरी हुई है।

राजस्थान पुलिस अब SC/ST एक्ट के तहत आने वाले हर मामले में तुरंत FIR दर्ज कर रही है और 60 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेष जांच टीमों का गठन, CCTV फुटेज का त्वरित विश्लेषण और फोरेंसिक सपोर्ट ने अपराधियों में दहशत पैदा की है।

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हत्या, बलात्कार, अपहरण और गंभीर चोट जैसे जघन्य अपराधों में भी इसी तरह की सख्तरीय कार्रवाई से अपराधियों पर लगाम लगी है।

डीजीपी ने कहा, “आने वाले समय में हमारा लक्ष्य है कि SC/ST अत्याचार के मामलों को और नीचे लाया जाए। इसके लिए लगातार निगरानी, कम्युनिटी पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जारी रहेगा।