अर्जुनराम मेघवाल ने ठेले पर बनाई चाय, दिया ‘लोकल फॉर वोकल’ का संदेश
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के दौरान एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने दौड़ के बाद एक स्थानीय चाय ठेले पर रुककर खुद चाय बनाई और मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी।
बीकानेर। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के दौरान एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने दौड़ के बाद एक स्थानीय चाय ठेले पर रुककर खुद चाय बनाई और मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी।
इस दौरान उन्होंने लोगों को ‘एकता में शक्ति’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ का संदेश दिया। मेघवाल ने कहा कि छोटे व्यवसायी और स्थानीय उद्यमी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और हमें अपने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए।
मेघवाल ने सुनाया चाय का किस्सा
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने एक पुराना किस्सा भी साझा किया. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में बताया कि वह पहले भी चाय बनाते थे, लेकिन पीते नहीं थे. उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक मानिक चंद सुराणा की चुटकी लेते हुए कहा कि सुराणा जी के कहने पर उन्होंने चाय पीना भी शुरू कर दिया था.
नवदंपति को दिलाई एकता की शपथ
इस दौरान केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने सरदार पटेल की मूर्ति के नीचे नवदंपति भवानी शंकर कुमावत और राजन को एकता की शपथ दिलाई। भवानी शंकर कुमावत बीकानेर के खारी गांव के रहने वाले हैं और 2 नवंबर को उनकी शादी तय है। वैवाहिक बंधन में बंधने से पहले मंत्री मेघवाल ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में इन दोनों को एकता की शपथ दिलाई। साथ ही दोनों से और नवदंपति को एकता का संदेश दिलाने का वादा करवाया।
मंत्री के इस सादगीपूर्ण व्यवहार को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया। मेघवाल की यह पहल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

