सीएम भजनलाल शर्मा ने किया बार काउंसिल भवन का उद्घाटन, बोले- वकील समाज के सेवा-सेतु हैं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोधपुर में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वकीलों और न्यायपालिका की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे और कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की मजबूत नींव है।
जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोधपुर में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वकीलों और न्यायपालिका की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे और कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की मजबूत नींव है, जबकि वकील समाज में न्याय और सेवा के बीच पुल का काम करते हैं।
“न्यायपालिका लोकतंत्र की आत्मा”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का लोकतंत्र न्यायपालिका की निष्पक्षता और वकीलों की निष्ठा पर आधारित है। “न्यायपालिका लोकतंत्र की आत्मा है। अगर न्याय व्यवस्था सुदृढ़ होगी तो लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी,”
मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की भूमिका केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में न्याय, नैतिकता और विश्वास की भावना को स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

विधिक सेवाओं के सशक्तीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिवक्ताओं के कल्याण के साथ-साथ विधिक सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वकीलों के हित में ठोस कदम उठा रही है और न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधारों पर काम जारी है। “अधिवक्ता समाज की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार अधिवक्ता कल्याण और विधिक सेवा के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है,”
उद्घाटन समारोह में जुड़े न्याय जगत के प्रतिनिधि
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस समारोह में राज्य के विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बार काउंसिल पदाधिकारी, न्यायाधीश और अधिवक्ता समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए। जोधपुर में नवनिर्मित बार काउंसिल भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बताया गया है, जो अधिवक्ताओं के पेशेवर कार्य और प्रशिक्षण के लिए उपयोगी रहेगा।
मुख्यमंत्री का संदेश — सेवा ही सर्वोच्च धर्म
कार्यक्रम के समापन में मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज में न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि न्याय, सेवा और समर्पण ही एक अधिवक्ता की असली पहचान है।

