बिलासपुर में बड़ा रेल हादसा, मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन की टक्कर में 8 की मौत, कई घायल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार शाम एक भीषण रेल हादसा हो गया। गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू लोकल (68733) और एक मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार शाम एक भीषण रेल हादसा हो गया। गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू लोकल (68733) और एक मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद रेलवे ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह भीषण टक्कर बिलासपुर के जयराम नगर और गतौरा स्टेशन के बीच शाम 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पैसेंजर ट्रेन ने रेड सिग्नल तोड़ दिया, जिसके बाद सामने से आ रही मालगाड़ी से उसकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री डिब्बों में फंस गए। रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

रेलवे ने किया मुआवजे का ऐलान
रेल मंत्रालय की ओर से हादसे के बाद मुआवजे की घोषणा की गई है
- मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख की सहायता राशि दी जाएगी।
- गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 5 लाख रुपये
- मामूली रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
रेलवे ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं ताकि दुर्घटना के कारणों की सटीक जानकारी मिल सके।
अधिकारियों और नेताओं की प्रतिक्रिया
बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने हादसे में 8 लोगों की मौत और 15 से ज्यादा घायलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी घायलों का इलाज बिलासपुर जिला अस्पताल और अपोलो अस्पताल में चल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी घटना पर संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
जांच के दायरे में सिग्नल तोड़ने की बात
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रेड सिग्नल तोड़ने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अधिकारी ने बताया “अब यह जांच का विषय है कि लोको पायलट ने लाल सिग्नल क्यों तोड़ा और समय पर आपातकालीन ब्रेक क्यों नहीं लगाया, जबकि मालगाड़ी सामने दिखाई दे रही थी।” इस हादसे में पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट विद्या सागर की मौत हो गई, जबकि महिला सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं। मालगाड़ी का गार्ड समय रहते ब्रेक वैन से कूद गया, जिससे उसे केवल मामूली चोटें आई हैं।
मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे के बाद मौके पर एनडीआरएफ, पुलिस और रेलवे की संयुक्त टीमों ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। क्षतिग्रस्त डिब्बों को काटकर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। रेलवे ने ट्रेन सेवाओं को आंशिक रूप से स्थगित कर दिया है।

