राजस्थान हाईकोर्ट को लगातार पांचवीं बार बम धमकी: होक्स निकला, लेकिन सिक्योरिटी पर सवालों का दौर तेज
राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर बेंच) में आज सुबह फिर से हड़कंप मच गया। अदालत के रजिस्ट्रार को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें कोर्ट को बम से उड़ा देने की चेतावनी दी गई थी। यह पिछले छह हफ्तों में पांचवीं ऐसी घटना है।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर बेंच) में आज सुबह फिर से हड़कंप मच गया। अदालत के रजिस्ट्रार को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें कोर्ट को बम से उड़ा देने की चेतावनी दी गई थी। यह पिछले छह हफ्तों में पांचवीं ऐसी घटना है, जो लगातार मिल रही इन फर्जी धमकियों ने न केवल न्यायिक कार्यप्रणाली को बाधित कर दिया है, बल्कि वकीलों, कर्मचारियों और वादकारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। कल (11 दिसंबर) हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव होने हैं, जिसके चलते वकील समुदाय में चर्चा जोरों पर है कि कहीं ये धमकियां चुनावी साजिश का हिस्सा तो नहीं।
घटना का विवरण: दो दिनों से लगातार हाई अलर्ट
आज दोपहर करीब 10 बजे रजिस्ट्रार को एक अनाम ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा था कि "कोर्ट परिसर में बम प्लांट कर दिया गया है और जल्द ही विस्फोट होगा।" ईमेल मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरती। पूरी इमारत को खाली करा दिया गया, और वकील, कर्मचारी व वादकारी बाहर निकाले गए। जयपुर पुलिस, एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड और एंटी-सबोटाज टीम को बुलाया गया। लगभग ढाई घंटे की गहन तलाशी के बाद परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया गया। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, और धमकी फिर से होक्स साबित हुई।
यह घटना कल (9 दिसंबर) की घटना से ठीक एक दिन बाद हुई है। 9 दिसंबर को भी इसी तरह का ईमेल मिला था, जिसके बाद परिसर खाली कराया गया था। इससे पहले 8 दिसंबर को कोटा कलेक्ट्रेट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी, लेकिन हाईकोर्ट पर फोकस रहा। पुलिस के अनुसार, ये ईमेल अनट्रेसेबल आईडी से भेजे जा रहे हैं, और साइबर सेल उन्हें ट्रेस करने में जुटी है।
पांचवीं धमकी: अक्टूबर से सिलसिला
पिछले 40 दिनों में यह पांचवीं बार है जब हाईकोर्ट को ऐसी धमकी मिली है। समयरेखा इस प्रकार है:
31 अक्टूबर 2025: पहली धमकी, जिसमें तमिलनाडु सरकार और POCSO मामलों पर राजनीतिक टिप्पणियां थीं। परिसर खाली कराया गया, लेकिन होक्स निकला।
5 दिसंबर 2025: दूसरी धमकी, जिसमें बम प्लांट होने का दावा। दो घंटे की सर्च के बाद सुरक्षित घोषित।
8 दिसंबर 2025: तीसरी धमकी, कोर्ट के साथ-साथ कोटा कलेक्ट्रेट को भी निशाना। वकीलों ने इसे "सिस्टम फेलियर" बताया।
9 दिसंबर 2025: चौथी धमकी, लगातार दूसरे दिन हाई अलर्ट।
10 दिसंबर 2025: आज की पांचवीं धमकी, जो दो दिनों से चली आ रही श्रृंखला का हिस्सा।
इन घटनाओं ने न केवल न्यायिक कार्य को प्रभावित किया है—हर बार सुनवाईयां 2-3 घंटे रुक जाती हैं—बल्कि राज्य स्तर पर सिक्योरिटी एजेंसियों को परेशान कर दिया है। जयपुर पुलिस के अनुसार, इस साल राजस्थान में 50 से अधिक ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, जिसमें जयपुर देश के पांचवें नंबर पर है।
वकीलों में चुनावी साजिश की चर्चा, चिंता का माहौल
कल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव होने हैं, जो वकील समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है। कई वरिष्ठ वकील मानते हैं कि ये धमकियां चुनावी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश हो सकती हैं। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रह्लाद शर्मा ने कहा, "ये धमकियां सिक्योरिटी व्यवस्था की विफलता का प्रतीक हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न्याय व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं।" वकील रामप्रताप सैनी ने इसे "गंभीर मुद्दा" बताते हुए प्रशासन से स्रोत का पता लगाने की मांग की।
वकीलों के अलावा, कर्मचारियों और वादकारियों में भी डर का माहौल है। एक वकील ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हर दूसरे दिन ये हाई अलर्ट, परिवार वाले चिंतित हो जाते हैं। क्या ये मजाक है या कोई सुनियोजित साजिश?" सोशल मीडिया पर भी #RajasthanHighCourtBombThreat ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: ट्रेसिंग पर फोकस
जयपुर पुलिस के डीसीपी ने बताया कि साइबर सेल ईमेल के IP एड्रेस को ट्रेस कर रही है। एजेंसियां यह जांच रही हैं कि क्या ये धमकियां राज्य के अंदर से हैं या बाहर से। एक FIR दर्ज की गई है, और सख्त सुरक्षा उपायों पर विचार चल रहा है—जैसे एंट्री चेक बढ़ाना, सर्विलांस मजबूत करना। ATS के एक अधिकारी ने कहा, "ये होक्स लगते हैं, लेकिन हम किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहे।"
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने भी बयान जारी कर कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल फॉलो किए जा रहे हैं, और चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से होंगे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकियां एक पैटर्न का हिस्सा हैं, जो पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी भवनों पर हो रही हैं।
सवालों का सिलसिला जारी
लगातार मिल रही इन फर्जी धमकियों ने राजस्थान हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ये चुनावी हथकंडा है, साइबर अपराधी की शरारत, या कुछ बड़ा खतरा? एजेंसियों को अब जल्द से जल्द स्रोत का पता लगाना होगा, ताकि न्याय का मंदिर शांति से कार्य कर सके। कल के चुनाव के बीच ये घटनाएं वकील समुदाय के लिए चुनौती बन गई हैं।

