बाड़मेर के किसानों की हुंकार के आगे झुका प्रशासन, 11 सूत्री मांगों पर 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
गुड़ामालानी क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने अपनी एकजुटता की ताकत दिखाते हुए जिला प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। मंगलवार सुबह शुरू हुई किसानों की ट्रैक्टर रैली और कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी ने प्रशासन के होश उड़ा दिए।
बाड़मेर। गुड़ामालानी क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने अपनी एकजुटता की ताकत दिखाते हुए जिला प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। मंगलवार सुबह शुरू हुई किसानों की ट्रैक्टर रैली और कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी ने प्रशासन के होश उड़ा दिए। करीब 200 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ जुटे किसानों ने दिनभर धरना दिया और प्रशासन से अपनी 11 सूत्री मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। देर रात तक चली मैराथन वार्ता के बाद प्रशासन ने सभी मांगों को सात दिन के अंदर पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया।
दिनभर चली जद्दोजहद, रात में बनी बात
सुबह से ही गुड़ामालानी, धोरीमना और आसपास के दर्जनों गांवों के किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर बाड़मेर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे थे। प्रशासन ने बीच में ही बैरिकेडिंग कर दी, जिसके बाद किसान धोरीमना उपखंड मुख्यालय पर डट गए। दिनभर चले प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद प्रशासन को वार्ता के लिए मजबूर होना पड़ा।
देर रात धोरीमना उपखंड कार्यालय में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य, गुड़ामालानी एसडीएम और अन्य अधिकारियों के साथ किसान नेताओं की निर्णायक बैठक हुई। कई घंटों की लंबी चर्चा के बाद प्रशासन ने किसानों की सभी मांगें मान लीं।
प्रमुख मांगें और प्रशासन का आश्वासन
2022-23 का बकाया फसल बीमा क्लेम: सात दिन में सभी पात्र किसानों के खातों में राशि जमा करने का वादा। बीमा कंपनी को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।
रबी फसल के लिए सिंगल फेज बिजली कनेक्शन: बिना रुकावट के सिंगल फेज बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी।
जंगली सूअर-नीलगाय का आतंक: ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव लेकर विशेष कमेटी गठित होगी, जल्द राहत मिलेगी।
कृषि अनुदान राशि: लंबित अनुदान राशि शीघ्र जारी की जाएगी।
बाकी सात मांगें (जल संरक्षण, सड़क, पेयजल, खाद-बीज उपलब्धता आदि) भी सात दिन में पूरी करने का आश्वासन।
किसान नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने सभी मांगों पर सात दिन की समय-सीमा तय करते हुए लिखित में आश्वासन दिया है। अगर सात दिन में काम नहीं हुआ तो फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों की इस जीत से पूरे गुड़ामालानी क्षेत्र में खुशी की लहर है। किसान नेताओं ने एकता की ताकत को इस सफलता का सबसे बड़ा कारण बताया।

