तेज रफ्तार ट्रोले ने युवक को रौंदा, 300 मीटर घसीटकर चिथड़े उड़ा दिए

राजस्थान में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जयपुर के फागी क्षेत्र में हाल ही में हुए डंपर हादसे की यादें ताजा हैं, जहाँ तेज रफ्तार वाहन ने एक युवक को 100 मीटर घसीटकर तीन टुकड़ों में बाँट दिया था।

तेज रफ्तार ट्रोले ने युवक को रौंदा, 300 मीटर घसीटकर चिथड़े उड़ा दिए

प्रतापगढ़। राजस्थान में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जयपुर के फागी क्षेत्र में हाल ही में हुए डंपर हादसे की यादें ताजा हैं, जहाँ तेज रफ्तार वाहन ने एक युवक को 100 मीटर घसीटकर तीन टुकड़ों में बाँट दिया था। उसी तरह अब प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी तहसील के गोमाना गाँव में एक भयानक घटना ने इलाके को सिहरा दिया। सड़क किनारे पैदल चल रहे एक युवक को तेज रफ्तार ट्रोले ने रौंद दिया। चालक ने वाहन न रोकते हुए करीब 300 मीटर तक युवक के शरीर को घसीटा, जिससे शव के चिथड़े उड़ गए। एक किलोमीटर आगे ट्रोला पलट गया, लेकिन चालक भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने उसकी पिटाई की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।

घटना की पूरी कहानी

घटना गुरुवार दोपहर छोटी सादड़ी तहसील के गोमाना गाँव के मुख्य मार्ग पर हुई। बताया जा रहा है कि भारी भरा ट्रोला (ट्रैक्टर-ट्रॉली) तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे पैदल चल रहे एक युवक को चालक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक का शरीर ट्रोले के नीचे आ गया। लेकिन चालक ने ब्रेक लगाने के बजाय वाहन को और तेज किया और करीब 300 मीटर तक युवक को घसीटता हुआ भागा। आसपास के लोग चिल्लाते रहे, लेकिन चालक बेपरवाह रहा। सड़क पर खून की धार बहने लगी और युवक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। चिथड़े सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए, जिसे देखकर ग्रामीण दहशत में सन्न रह गए।यह दृश्य जयपुर के फागी हादसे की याद दिला गया, जहाँ भी तेज रफ्तार डंपर ने एक युवक को कुचल दिया था। वहाँ भी चालक भागने की कोशिश में था, लेकिन भीड़ ने उसे पकड़ लिया था। प्रतापगढ़ में भी वैसा ही मंजर था, लेकिन चालक फरार हो गया।

ट्रोला पलटने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा

ट्रोला चालक करीब एक किलोमीटर तक भागा, लेकिन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही गुस्साए ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने चालक को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। अफरा-तफरी के बीच चालक भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकला। ग्रामीणों ने ट्रोले को आग लगाने की कोशिश भी की, लेकिन समय रहते पुलिस ने स्थिति संभाल ली। गनीमत रही कि सड़क पर उस समय अन्य वाहन कम थे, वरना जयपुर जैसा बड़ा हादसा हो सकता था, जिसमें कई जानें जा सकती थीं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही छोटी सादड़ी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। मृतक के क्षत-विक्षत शव को सावधानीपूर्वक इकट्ठा कर प्रतापगढ़ के नजदीकी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया। सड़क पर बिखरे खून और अवशेषों को पानी डालकर साफ कराया गया। पुलिस ने ट्रोले को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। एसपी प्रतापगढ़ ने बताया कि मामला लापरवाही से मौत का है, और चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 304A (रसूख मौत) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो हादसे के कारणों को स्पष्ट करेगी।

जयपुर हादसे से सीख: तेज रफ्तार पर लगाम की जरूरत

5 नवंबर 2025 में भी बजरी से भरे डंपर ने सड़क पार कर रहे युवक को रौंदा था, जिसमें शव के तीन टुकड़े हो गए थे। वहाँ चालक को गिरफ्तार किया गया, लेकिन प्रतापगढ़ में फरार होने से सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में ओवरलोडेड ट्रक-ट्रोलों और डंपरों की समस्या बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों में स्पीड ब्रेकर, सीसीटीवी और चालान की सख्ती की जरूरत है। स्थानीय विधायक ने सदन में इस मुद्दे को उठाने का ऐलान किया है।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिवार ने मुआवजे और दोषी को सजा की मांग की है। यह घटना राजस्थान की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लापरवाह चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।