नीतीश कुमार10वीं बार लेंगे CM पद की शपथ, 20 नवंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह
बिहार की सियासत में नया अध्याय लिखा जा रहा है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड 202 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करने वाले NDA ने मंगलवार को पटना में आयोजित विधायक दल की बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना।
पटना। बिहार की सियासत में नया अध्याय लिखा जा रहा है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड 202 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करने वाले NDA ने मंगलवार को पटना में आयोजित विधायक दल की बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना। इससे साफ हो गया कि नीतीश कुमार बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे और यह उनका दसवां कार्यकाल होगा। बैठक के बाद नीतीश कुमार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और वर्तमान सरकार का इस्तीफा सौंपा। शपथ ग्रहण समारोह कल, 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। यह समारोह NDA की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक बनेगा, जो महागठबंधन को करारी शिकस्त देने के बाद बिहार के विकास को नई गति देगा।
NDA की इस जीत ने बिहार को स्थिरता और विकास का आश्वासन दिया है। नीतीश कुमार, जो 2005 से बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं, अब दसवीं बार शपथ लेंगे। बैठक में उपस्थित सभी 202 विधायकों ने नीतीश के नाम का समर्थन किया, जो NDA की एकजुटता को दर्शाता है। यह निर्णय बिहार की राजनीति में नीतीश के नेतृत्व को मजबूत करता है, जहां BJP ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद JD(U) को CM पद सौंपा।
NDA विधायक दल बैठक सर्वसम्मति से नीतीश नेता चुने गए
पटना के विधानसभा भवन के सेंट्रल हॉल में मंगलवार दोपहर NDA विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें BJP के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। बैठक से पहले JD(U) विधायकों की अलग बैठक में नीतीश को पार्टी का विधायक दल नेता चुना गया, जिसमें विजय चौधरी और संजय झा उनके साथ थे।
BJP विधायक सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने ध्वनिमत से स्वीकार किया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, "नीतीश जी बिहार की प्रगति के सूत्रधार हैं। उनकी लंबी उम्र की कामना करता हूं।" छोटे सहयोगी दलों जैसे HAM (5 सीटें) और RLM (4 सीटें) ने भी पूर्ण समर्थन दिया। बैठक के बाद नीतीश ने कहा, "NDA की जीत बिहारवासियों का आशीर्वाद है। हम विकास और सुशासन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।"
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान नीतीश ने इस्तीफा सौंपा और NDA के बहुमत का पत्र प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने शपथ ग्रहण की मंजूरी दे दी। गांधी मैदान में भारी सुरक्षा व्यवस्था है, और समारोह में 50 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे।
NDA की ऐतिहासिक जीत, महागठबंधन को पटखनी
2025 बिहार विधानसभा चुनावों में NDA ने 243 सीटों में से 202 जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। BJP ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि JD(U) ने 85 सीटें हासिल कीं। LJP(RV) को 19, HAM को 5 और RLM को 4 सीटें मिलीं। विपक्षी महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-वामपंथी) को मात्र 41 सीटें मिलीं, जो उनकी हार का प्रतीक है।
चुनाव में NDA ने विकास, महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार पर फोकस किया, जबकि विपक्ष जातिगत जनगणना और आरक्षण पर अटका रहा। प्राशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली, जिस पर किशोर ने हास्यपूर्ण टिप्पणी की। NDA की जीत को 'मोदी लहर' और नीतीश के स्थानीय नेतृत्व का परिणाम माना जा रहा है।
नीतीश कुमार का दसवां CM कार्यकाल
नीतीश कुमार (उम्र 74 वर्ष) बिहार की राजनीति के धुरंधर हैं। 2000 में पहली बार (मात्र 7 दिन) CM बने, और 2005 से लगातार सेवा कर रहे हैं। 2024 में महागठबंधन से NDA में वापसी के बाद यह उनकी पांचवीं लगातार जीत है। विकिपीडिया के अनुसार, वे बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले CM हैं, जिन्होंने सड़क, बिजली और शिक्षा में क्रांति लाई।
इस कार्यकाल में BJP के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा उपमुख्यमंत्री बनेंगे। कैबिनेट में LJP(RV) को 3-4, HAM को 1-2 और अन्य सहयोगियों को पद मिलने की संभावना है। नीतीश ने कहा, "नई सरकार बिहार को 'विकसित बिहार' का सपना साकार करेगी।"
गांधी मैदान में भव्य आयोजन
20 नवंबर को सुबह 11 बजे गांधी मैदान में शपथ होगा। सुरक्षा के लिए 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। PM मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ समेत NDA CMs शामिल होंगे। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और किसान-महिला सम्मान भी होगा। JD(U) महासचिव संजय झा ने कहा, "यह जीत का उत्सव होगा। सरकार रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर फोकस करेगी। शपथ समारोह पर सभी की नजरें हैं।

