राजस्थान के किसानों को मिली बड़ी राहत, केंद्र ने PSS-MIS प्रस्तावों को मंजूरी, CM भजनलाल शर्मा ने PM मोदी का जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राजस्थान के किसानों को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। खरीफ 2025-26 सीजन के लिए राज्य के मूल्य समर्थन योजना (PSS) और बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है।
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राजस्थान के किसानों को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। खरीफ 2025-26 सीजन के लिए राज्य के मूल्य समर्थन योजना (PSS) और बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। इससे प्रदेश में मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की फसलों की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद सुनिश्चित होगी, जिसका कुल मूल्य लगभग 9,436 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हृदय से आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों के कल्याण के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।
यह स्वीकृति देश की सबसे बड़ी खरीद पहलों में से एक है, जो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देगी और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाएगी। POS आधारित प्रमाणीकरण और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित होगा। राजस्थान सरकार की डबल इंजन की ताकत से किसान कल्याण को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा रहा है, जहां राज्य के अन्नदाता आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। यह कदम प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) का हिस्सा है, जो 2025-26 तक जारी रहेगा।
केंद्र के निर्णय का पूरा विवरण, रिकॉर्ड मात्रा में खरीद
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जिससे कुल खरीद मूल्य 9,700 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। राजस्थान में चार फसलों की स्वीकृत मात्रा निम्नलिखित है:
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फसल |
स्वीकृत मात्रा (मीट्रिक टन में) |
अनुमानित MSP मूल्य (करोड़ रुपये में) |
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मूंग |
3,05,750 |
2,679 (लगभग) |
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उड़द |
1,68,000 (100% उत्पादन) |
1,312 (लगभग) |
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मूंगफली |
5,54,750 |
2,969 (लगभग) |
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सोयाबीन |
2,65,750 |
1,414 (लगभग) |
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कुल |
12,94,250 |
9,436 |
यह मात्रा राज्य के कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा कवर करेगी, खासकर उड़द के लिए 100% खरीद सुनिश्चित की गई है। खरीद प्रक्रिया NAFED, FCI और राज्य एजेंसियों के माध्यम से होगी, जो किसानों को MSP (मूंग: ₹8,682/क्विंटल, उड़द: ₹7,800/क्विंटल, मूंगफली: ₹5,350/क्विंटल, सोयाबीन: ₹5,323/क्विंटल) की गारंटी देगी। पिछले वर्षों में राजस्थान में सोयाबीन और मूंगफली की खरीद से 8 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला था, और इस बार यह संख्या दोगुनी हो सकती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "यह निर्णय किसानों को बाजार जोखिमों से मुक्ति देगा। हमारी सरकार किसान हित को सर्वोपरि मानती है। DBT से भुगतान 48 घंटे के अंदर किसानों के खाते में पहुंचेगा, जो पारदर्शिता का प्रतीक है।" यह खरीद खरीफ 2025-26 सीजन (जून-अक्टूबर 2025) के लिए होगी, जब राजस्थान में इन फसलों का उत्पादन चरम पर होता है।
किसानों के लिए लाभ, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
राजस्थान में मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की खेती लाखों किसकों की आजीविका का आधार है। मारवाड़, शेखावाटी और हाड़ौती क्षेत्रों में ये फसलें प्रमुख हैं। केंद्र के इस निर्णय से:
- MSP गारंटी: किसान बाजार में गिरते दामों से बचेंगे। हाल के वर्षों में सोयाबीन और मूंगफली के दाम MSP से 20-30% नीचे गिरे थे।
- आर्थिक सशक्तिकरण: 9,436 करोड़ की खरीद से लाखों किसकों को सीधा लाभ, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
- आत्मनिर्भर भारत: दालों और तिलहनों में आयात निर्भरता कम होगी। बजट 2025-26 में 'मिशन आत्मनिर्भर दालें' के तहत 11,440 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- पारदर्शिता: POS मशीनों और DBT से मध्यस्थों की भूमिका समाप्त, किसान को पूरा लाभ।
राजस्थान सरकार ने पहले ही किसानों के लिए 10,000 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था, जिसमें बीमा और सब्सिडी शामिल है। यह केंद्र-राज्य सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है।
मुख्यमंत्री का आभार और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में श्री शर्मा ने कहा, "प्रधानमंत्री जी और कृषि मंत्री जी के इस दूरदर्शी निर्णय से राजस्थान के किसान उत्साहित हैं। हमारी डबल इंजन सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कटिबद्ध है।" उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन फसलों की बुआई बढ़ाएं, ताकि उत्पादन लक्ष्य हासिल हो। राज्य स्तर पर खरीद केंद्र स्थापित करने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्णय पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड है। 2024-25 में राजस्थान में सोयाबीन की 19.99 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई, जिससे 8.46 लाख किसानों को लाभ मिला। इसी तरह मूंगफली की 15.73 लाख मीट्रिक टन खरीद से 4.75 लाख किसान मजबूत हुए।

