सवाई माधोपुर में BLO की हार्ट अटैक से मौत, परिवार ने SIR दबाव का लगाया आरोप

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खंडार उपखंड के बहरावड़ा खुर्द गांव में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और सरकारी स्कूल शिक्षक हरिओम बैरवा (उम्र 35 वर्ष) की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई।

सवाई माधोपुर में BLO की हार्ट अटैक से मौत, परिवार ने SIR दबाव का लगाया आरोप

सवाई माधोपुरराजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खंडार उपखंड के बहरावड़ा खुर्द गांव में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और सरकारी स्कूल शिक्षक हरिओम बैरवा (उम्र 35 वर्ष) की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार सदमे में डूब गया, और गांव में सैकड़ों ग्रामीणों ने शोक सभा की। लेकिन परिवार ने मौत का ठीकरा अधिकारियों के सिर फोड़ा है, आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के काम के दबाव ने हरिओम को तोड़ दिया। सुबह तहसीलदार के फोन के मात्र पांच मिनट बाद उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे परिवार ने एसडीएम और तहसीलदार पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। यह घटना राज्यभर में SIR प्रक्रिया के खिलाफ BLOs के बढ़ते तनाव को उजागर करती है, जहां केरल, बंगाल और राजस्थान में सुसाइड्स और विरोध की खबरें आ रही हैं।

परिवार के अनुसार, हरिओम पिछले छह दिनों से SIR के टारगेट पूरा करने के दबाव में थे। यह प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए चल रही है, जिसमें BLOs को फॉर्म वितरण, संग्रह और सत्यापन का काम सौंपा गया है। राजस्थान में 12 जिलों में SIR लागू है, लेकिन BLOs पर अनरियलिस्टिक टारगेट्स और लंबे घंटों के कारण तनाव चरम पर है। जयपुर में हाल ही में एक BLO की सुसाइड ने भी इसी दबाव को जिम्मेदार ठहराया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सरकारी नीति की विफलता है, जो निचले स्तर के कर्मचारियों को कुचल रही है।

सुबह का फोन और अचानक मौत

बुधवार सुबह करीब 9 बजे हरिओम अपने घर पर थे। परिवार के मुताबिक, तहसीलदार का फोन आया, जिसमें SIR के काम को लेकर कथित तौर पर सख्त हिदायतें दी गईं। फोन के पांच मिनट बाद ही हरिओम को सीने में तेज दर्द हुआ, और वे गिर पड़े। परिजनों ने तुरंत उन्हें खंडार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया गया, लेकिन परिवार ने इसे 'मानसिक तनाव का परिणाम' करार दिया।

गांव में खबर फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। सैकड़ों ग्रामीण हरिओम के घर पहुंचे, और माहौल शोकमय हो गया। अंतिम संस्कार शाम को किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक और सरपंच भी शामिल हुए। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बहरावड़ा खुर्द पुलिस चौकी इंचार्ज ने कहा, "परिवार की शिकायत पर जांच शुरू है। अगर दबाव साबित हुआ तो एक्शन लिया जाएगा।"

परिवार के गंभीर आरोप 'दबाव जानबूझकर बनाया गया'

हरिओम के पिता बृजमोहन बैरवा (उम्र 60 वर्ष) और भाइयों ने अधिकारियों पर सीधा आरोप लगाया। बृजमोहन ने रोते हुए कहा, "हरिओम एक मेहनती शिक्षक था। SIR के काम से वह पिछले छह दिनों से चुपचाप तनाव में था। घर पर किसी से बात नहीं करता था, रातें जागता रहता। एसडीएम और तहसीलदार ने टारगेट पूरा न करने पर सस्पेंशन की धमकी दी। अगर यह दबाव न होता, तो मेरा बेटा आज जिंदा होता।"

भाई रमेश बैरवा ने बताया, "फोन पर तहसीलदार ने गालियां दीं और कहा कि काम न पूरा हुआ तो नौकरी खतरे में। हरिओम ने फॉर्म वितरण के लिए गांव-गांव घूमा, लेकिन टारगेट 200% बढ़ा दिया गया। यह जानबूझकर किया गया ताकि BLOs जल्दबाजी में काम करें।" परिवार ने मांग की है कि एसडीएम (खंडार) और तहसीलदार के खिलाफ FIR दर्ज हो, और SIR प्रक्रिया पर रोक लगे। उन्होंने कहा, "हम न्याय लेंगे, वरना आंदोलन करेंगे।"

राज्यभर में BLO संकट, सुसाइड्स की घटनाएं

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची को अपडेट करने का केंद्र सरकार का अभियान है, जो 12 राज्यों में चल रहा है। राजस्थान में 1.5 लाख BLOs (ज्यादातर शिक्षक) को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है – फॉर्म 6, 7, 8 भरवाना, नाम कटौती और सत्यापन। लेकिन टारगेट्स अनरियलिस्टिक हैं: प्रति BLO 1000+ फॉर्म, लंबे घंटे, और सस्पेंशन की धमकियां।

राजस्थान में जयपुर के एक BLO ने 16 नवंबर को सुसाइड नोट छोड़कर मौत को SIR दबाव से जोड़ा। नोट में लिखा था, "सुपरवाइजर सस्पेंड करने की धमकी दे रहा था।" केरल और पश्चिम बंगाल में भी दो BLOs की सुसाइड्स हुईं, जहां परिवारों ने काम के बोझ को जिम्मेदार ठहराया। ऑल राजस्थान स्टेट एम्प्लॉयी फेडरेशन के महासचिव विपिन शर्मा ने कहा, "BLOs पर अनावश्यक प्रेशर से तनाव बढ़ा है। शिक्षकों को राहत दो।" 17 नवंबर को राज्यभर में शिक्षकों ने SIR ड्यूटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।