छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा : अब तक 17 मौतें, मृतकों के परिवार को वेदांत देगा 35 लाख रुपये और नौकरी

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 17 मजदूरों की मौत, 36 झुलसे। कई की हालत गंभीर, जांच के आदेश जारी।

छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा : अब तक 17 मौतें, मृतकों के परिवार को वेदांत देगा 35 लाख रुपये और नौकरी

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 17 मौतें हो चुकी हैं। 4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 6 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया था। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 18 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। फिलहाल 4 मृतकों की पहचान ठंडाराम और पप्पू कुमार और अमृत लाल पटेल (50) और यूपी के बृजेश कुमार के रूप में हुई है। बाकी की पहचान की जा रही है। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजन ने हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजन का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया।

रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में 10 भर्ती

प्लांट हादसे में घायल 10 लोगों का इलाज रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में चल रहा है। सभी 15% से लेकर 95-100% तक झुलसे हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें मनीष गिरी, कार्तिक महतो, बृजेश कुमार, केशव चंद्रा, भुवनेश्वर चंद्रा, अभिषेक चंद्रा, नदीम अंसारी, मिलन वारे, संदीप और शिवनाथ मुर्मू शामिल हैं। इसके अलावा, बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल रायगढ़ में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है।

36 लोग झुलसे, 12 छत्तीसगढ़ के रहने वाले

प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा का कहना है कि हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। बॉडी जल हो गई है, इसलिए पहचान करने में मुश्किल हो रही है। अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

परिजन बोले- प्लांट प्रबंधन जानकारी नहीं दे रहा

हादसे में अपनों को खो चुके माधव प्रसाद यादव ने बताया कि उसका छोटा भाई उद्धव सिंह यादव लापता है। न घर आया है और न ही अस्पताल में मिल रहा है। प्लांट प्रबंधन भी कोई जानकारी नहीं दे रहा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल को छोड़कर रायपुर के डीकेएस हॉस्पिटल को भी आकस्मिक स्थिति और बेहतर इलाज के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए- बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 14 मजदूरों की मौत और 34 लोगों के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी- श्रम मंत्री

छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।