जयपुर में आयकर छापेमारी का बड़ा खुलासा : चौथे दिन भी जारी कार्रवाई, दीवार के पीछे छिपा मिला स्ट्रांग रूम
जयपुर में आयकर छापेमारी के चौथे दिन बड़ा खुलासा। दीवार के पीछे छिपा स्ट्रांग रूम मिला, 12 करोड़ की ज्वैलरी जब्त। होटल और कैटरिंग कारोबार की गहन जांच जारी।
जयपुर : आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई लगातार चौथे दिन भी चल रही है। रेस्टुरेंट और कैटरिंग कारोबार से जुड़े इस मामले में अब तक कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ चुके है। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान एक परिसर में दीवार के पीछे छिपाए गए स्ट्रांग रूम का पता चला, जहां से भरी मात्रा में ज्वैलरी बरामद की गयी। जब्त की गयी ज्वैलरी की कीमत करीब 7 करोड़ आंकी जा रही है, जबकि अब तक कुल मिलकर लगभग 12 करोड़ रूपए की ज्वैलरी का मूल्यांकन किया जा चूका है।
आयकर विभाग अब दिल्ली रोड स्थित एक होटल में पिछले तीन वर्षों में आयोजित समारोहों और उनके उनके वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच करेगा। यह होटल कान्हा समूह के स्वामित्व में बताया जा रहा है, जबकि वर्तमान में इसका संचालन ताज समूह द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन आयोजनों के जरिए बड़े स्तर पर नकद लेनदेन किए गए हो सकते हैं। जांच के दौरान विभाग को बड़ी मात्रा में दस्तावेज, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और करीब 1 करोड़ रुपए की नकदी भी मिली है। खास बात यह है कि आयकर विभाग अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से नकद लेनदेन और बिलिंग पैटर्न का विश्लेषण करेगा। बताया जा रहा है कि संबंधित कारोबारी क्लाउड आधारित रेस्टोरेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, जिसमें बिलिंग, इन्वेंट्री और ऑनलाइन ऑर्डर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि इस सॉफ्टवेयर में बिक्री के आंकड़ों में हेरफेर संभव है, लेकिन क्लाउड पर वर्षों का डेटा सुरक्षित रहता है, जिससे जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिल सकते हैं।
इस कार्रवाई की शुरुआत बुधवार को हुई थी, जब आयकर विभाग ने जयपुर समेत देश के 7 शहरों में 33 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इनमें जयपुर के “कान्हा” रेस्टोरेंट और “यो चाइना”, उदयपुर के “द सिएरा” और “सन एंड मून”, कोटा के “ये है जलवा” और श्रीगंगानगर के “चावलाज-2” जैसे प्रतिष्ठानों के संचालकों और उनके सहयोगियों के ठिकाने शामिल थे।
बताया जा रहा है कि “कान्हा” रेस्टोरेंट की प्रमोटर कंपनी सांवरिया स्वीट्स प्रा. लि. है, जिसके प्रमुख नटवर लाल शारड़ा हैं। आयकर विभाग की जयपुर अन्वेषण शाखा इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रही है। 33 में से 13 ठिकानों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 20 स्थानों पर आज सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। आयकर अधिकारी अब कारोबारी समूह के निर्यात दावों की भी जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं टैक्स चोरी के लिए फर्जी क्लेम तो नहीं किए गए। विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक-दो दिनों में यह पूरी कार्रवाई पूरी हो सकती है, जिसके बाद और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना है।
इस छापेमारी ने जयपुर के कारोबारी जगत में हलचल मचा दी है और टैक्स अनुपालन को लेकर सख्त संदेश भी दिया है।
Saloni Kushwaha 
