राजस्थान सहित पूरे देश में अब गैस सिलेंडर रिफिल के लिए OTP/DAC कोड अनिवार्य, बिना ओटीपी सिलेंडर नहीं मिलेगा!

घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की काला-बजारी और गलत हाथों में जाने से रोकने के लिए तेल कंपनियां अब सख्त कदम उठाने जा रही हैं। जल्द ही राजस्थान सहित पूरे देश में गैस सिलेंडर रिफिल लेने के लिए OTP या DAC अनिवार्य कर दिया जाएगा।

राजस्थान सहित पूरे देश में अब गैस सिलेंडर रिफिल के लिए OTP/DAC कोड अनिवार्य, बिना ओटीपी सिलेंडर नहीं मिलेगा!

जयपुर। घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की काला-बजारी और गलत हाथों में जाने से रोकने के लिए तेल कंपनियां अब सख्त कदम उठाने जा रही हैं। जल्द ही राजस्थान सहित पूरे देश में गैस सिलेंडर रिफिल लेने के लिए OTP या DAC अनिवार्य कर दिया जाएगा। बिना सही कोड बताए डिलीवरी ब्वॉय सिलेंडर देने से साफ इंकार कर देंगे।

नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?

  1. उपभोक्ता को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही गैस बुक करनी होगी।
  2. बुकिंग सफल होने के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP या DAC कोड आएगा।
  3. डिलीवरी के समय डिलीवरी करने वाला व्यक्ति सबसे पहले यही कोड मांगेगा।
  4. सही कोड बताने पर ही सिलेंडर डिलीवर किया जाएगा।
  5. अगर मोबाइल नंबर गलत है या OTP नहीं आ रहा है तो पहले नंबर अपडेट करवाना होगा।

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की तीनों कंपनियों ने इस व्यवस्था को पहले से ही कई राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर दिया था। अब इसे पूरे देश में अनिवार्य रूप से लागू करने का फैसला लिया गया है। राजस्थान में दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह से यह व्यवस्था सख्ती से लागू हो जाएगी।

क्यों जरूरी हुई यह व्यवस्था?

  • कई बार गैस एजेंसी वाले या डिलीवरी कर्मचारी फर्जी उपभोक्ताओं के नाम पर सिलेंडर बेच देते थे।
  • सब्सिडी वाले सिलेंडर कमर्शियल कामों (होटल, ढाबे, फैक्ट्री) में इस्तेमाल हो रहे थे।
  • एक ही उपभोक्ता के नाम पर कई-कई सिलेंडर बुक हो जाते थे।
  • गलत पते पर डिलीवरी और काला-बजारी की शिकायतें बढ़ गई थीं।

तेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि OTP/DAC सिस्टम से 100% सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर वही व्यक्ति ले जो वास्तव में कनेक्शन धारक है या उसका परिवारजन है।

अगर मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो क्या करें?

  • अपनी गैस एजेंसी पर जाकर आधार और नया मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं।
  • इंडियन ऑयल ऐप (Indane), HP Gas ऐप या Bharat Gas ऐप से भी ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।
  • टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके भी नंबर लिंक करवाया जा सकता है।

जुर्माना और सजा का भी प्रावधान

अगर कोई डिलीवरी कर्मचारी बिना OTP/DAC के सिलेंडर डिलीवर करता पाया गया तो उस पर भारी जुर्माना और नौकरी से हटाने की कार्रवाई होगी। साथ ही गैस एजेंसी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है, वहां अभी थोड़ी छूट दी जा सकती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में कोई रियायत नहीं होगी। अब अगली बार जब गैस बुक करें तो अपना मोबाइल नंबर जरूर चेक कर लें – वरना सिलेंडर दरवाजे पर आएगा भी तो वापस चला जाएगा!