Rajasthan News : बाहर इलाज पर खर्च करने की जरूरत खत्म? जोधपुर में खुल सकते हैं दो बड़े विभाग
Rajasthan News : केंद्र और राज्य स्तर पर पेश किए गए बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की बात कही गई है। इसी क्रम में जोधपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से दो नए विभागों की स्थापना का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है।
Rajasthan News : पश्चिमी राजस्थान के मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। जोधपुर स्थित डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की तैयारी चल रही है। बजट 2026 में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर के बीच यहां हेपेटोलॉजी और ट्रॉमेटोलॉजी जैसे दो अहम सुपर स्पेशियलिटी विभाग शुरू करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है।
बजट 2026 में स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस
केंद्र और राज्य स्तर पर पेश किए गए बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की बात कही गई है। इसी क्रम में जोधपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से दो नए विभागों की स्थापना का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है। अगर बजट में स्वीकृति मिलती है तो कॉलेज में आवश्यक संसाधन और विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
किन मरीजों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
पश्चिमी राजस्थान के जिलों को राहत
जोधपुर के अलावा बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, सिरोही, पाली और नागौर जैसे जिलों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब तक जयपुर, अहमदाबाद या दिल्ली का रुख करना पड़ता है। नए विभाग शुरू होने से उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
हेपेटोलॉजी विभाग क्या है?
लिवर रोगों के इलाज की विशेष सुविधा
हेपेटोलॉजी लिवर से जुड़ी बीमारियों के निदान और उपचार से संबंधित सुपर स्पेशियलिटी शाखा है।
इसमें मुख्य रूप से निम्न समस्याओं का इलाज किया जाता है:
फैटी लिवर
हेपेटाइटिस बी और सी
लिवर सिरोसिस
पीलिया
लिवर फेल्योर
शराब से संबंधित लिवर रोग
अब तक इन जटिल बीमारियों के लिए मरीजों को बड़े शहरों में जाना पड़ता था।
ट्रॉमेटोलॉजी विभाग की क्या होगी भूमिका?
गंभीर हादसों के इलाज में मदद
ट्रॉमेटोलॉजी विभाग दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों के उन्नत इलाज के लिए स्थापित किया जाता है। इसमें सड़क हादसे, औद्योगिक दुर्घटनाएं, गिरने या अन्य कारणों से लगी गंभीर चोटों का विशेष उपचार किया जाता है। जोधपुर में यह सुविधा शुरू होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को त्वरित और विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा।
पहले से मौजूद हैं अहम विभाग
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन चिकित्सा विभाग पहले से संचालित है, जो हादसों और आपात स्थितियों में सेवाएं प्रदान करता है। इसके अलावा बच्चों की किडनी संबंधी बीमारियों के लिए पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विभाग की घोषणा भी पहले की जा चुकी है।यदि प्रस्तावित दोनों नए विभागों को मंजूरी मिलती है, तो जोधपुर मेडिकल कॉलेज पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ हब बन सकता है।
Saloni Kushwaha 
