पालनहार योजना के लाभार्थियों को 31 दिसंबर तक वार्षिक सत्यापन जरूरी, नहीं तो रुक सकती है पेंशन

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत संचालित पालनहार योजना में पंजीकृत लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

पालनहार योजना के लाभार्थियों को 31 दिसंबर तक वार्षिक सत्यापन जरूरी, नहीं तो रुक सकती है पेंशन

डूंगरपुर। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत संचालित पालनहार योजना में पंजीकृत लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिले में दर्ज सभी पालनहार बच्चों को 31 दिसंबर तक वार्षिक सत्यापन करवाना अनिवार्य है। निर्धारित समय पर सत्यापन नहीं होने की स्थिति में संबंधित बच्चों की पालनहार पेंशन अटक सकती है और उन्हें अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।

कलेक्टर ने इस संबंध में सभी उपखंड अधिकारियों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, बाल संरक्षण इकाइयों और संबंधित विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अभियान चलाकर वार्षिक सत्यापन समय पर पूर्ण करवाएँ, ताकि किसी भी पात्र बच्चे को पेंशन से वंचित न होना पड़े।

क्या है पालनहार योजना?

राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की यह महत्वपूर्ण योजना राज्य के अनाथ बच्चों, ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता का देहांत हो चुका है, अथवा जिनके माता-पिता उन्हें पालन-पोषण देने में असमर्थ हैं, उनके लिए संचालित की जाती है।

इस योजना में ऐसे बच्चों की परवरिश उनके ही किसी निकटतम रिश्तेदार या सामाजिक रूप से जिम्मेदार इच्छुक व्यक्ति को पालनहार के रूप में नियुक्त कर की जाती है। पालनहार को सरकार की ओर से बच्चों के भोजन, शिक्षा, वस्त्र और देखभाल हेतु मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

सत्यापन क्यों जरूरी है?

ताकि पेंशन केवल पात्र बच्चों को ही मिले।

फर्जी और दोहराए गए रिकॉर्ड हटाए जा सकें।

बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

सरकार समय पर राशि जारी कर सके।