एनएसयूआई की कमान अब विनोद जाखड़ के हाथों में, राजस्थान को पहली बार राष्ट्रीय नेतृत्व
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ बनाए गए हैं। राजस्थान से पहली बार किसी नेता को यह जिम्मेदारी मिली है। चयन प्रक्रिया में 15 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया।
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। संगठन की जिम्मेदारी अब विनोद जाखड़ संभालेंगे। खास बात यह है कि राजस्थान से पहली बार किसी नेता को एनएसयूआई के राष्ट्रीय नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal ने आधिकारिक पत्र जारी कर नियुक्ति की पुष्टि की।
संघर्षों से बनी पहचान
विनोद जाखड़ छात्र राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। कुछ समय पहले राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के विरोध में उन्होंने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इससे पहले वर्ष 2018 के छात्रसंघ चुनाव में जब एनएसयूआई ने उन्हें टिकट नहीं दिया, तब उन्होंने निर्दलीय मैदान में उतरकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वे दलित समुदाय से पहले छात्र नेता बने, जिन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव जीता।
करीब आठ वर्षों के राजनीतिक सफर के बाद अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की कमान मिली है। पिछले दो साल से वे राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।
चयन प्रक्रिया में 15 नेताओं का इंटरव्यू
नए अध्यक्ष के चयन के लिए इस सप्ताह दो दिनों तक विस्तृत प्रक्रिया चली। देशभर से करीब 15 छात्र नेताओं का साक्षात्कार लिया गया। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भी समूह चर्चा और व्यक्तिगत बातचीत के जरिए उम्मीदवारों से संवाद किया। बताया जाता है कि जाखड़ इससे पहले भी अंतिम चरण तक पहुंच चुके थे और दो बार राहुल गांधी के समक्ष इंटरव्यू दे चुके थे।
आंतरिक समीकरण भी चर्चा में
संगठन के भीतर पिछले कुछ समय से पूर्व अध्यक्ष वरुण चौधरी और प्रभारी Kanhaiya Kumar के बीच मतभेद की चर्चा थी। माना जा रहा है कि इस बार अध्यक्ष पद के चयन में अलग समीकरण देखने को मिले और कन्हैया कुमार की पसंद को प्राथमिकता नहीं मिल सकी।
नई जिम्मेदारी, नई चुनौती
विनोद जाखड़ के सामने अब राष्ट्रीय स्तर पर छात्र संगठन को मजबूत करने की चुनौती होगी। उनके समर्थकों का मानना है कि जमीनी स्तर पर सक्रियता और संघर्ष की पृष्ठभूमि उन्हें इस भूमिका में मजबूती देगी। वहीं राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Saloni Kushwaha 
