राजस्थान में मौसम का कहर: 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, जयपुर में 2 की मौत

राजस्थान में मौसम ने ली करवट, 25 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट। जयपुर में हादसों में 2 की मौत, फसलों को भारी नुकसान। जानें ताजा वेदर अपडेट।

राजस्थान में मौसम का कहर: 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, जयपुर में 2 की मौत

जयपुर : राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर 4 अप्रैल को भी रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने आज भी 25 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, शुक्रवार (3 अप्रैल) को भी 10 से ज्यादा जिलों में तेज बरसात हुई।

बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर में ओले भी गिरे। वहीं, जयपुर शहर में देर शाम आए अंधड़ के कारण अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई।

मौसम के इस बदलाव से दिन के तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हुई है। बारिश के कारण मंडी और खेतों में फसलों को नुकसान हुआ है।

अभी नहीं थमेगा आंधी-बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- मौजूदा सिस्टम के असर से 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी-बारिश व कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

5-6 अप्रैल को आंधी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी देखने को मिलेगी। लेकिन 7 अप्रैल को एक और नया मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से बारिश-आंधी की संभावना है।

अंधड़ के कारण हादसों में 2 की मौत

राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर रात करीब 11 बजे तक जारी रहा। बरसात के साथ आए अंधड़ के कारण शहर के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।

जयपुर के जवाहर नगर इलाके में बाइक सवार एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश नगर के रहने वाले रामजीलाल महावर (50) के तौर पर हुई है।

रामजीलाल बिजली पोल से जुड़े ही काम करते थे। वहीं, दूसरा हादसा शहर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में हुआ। यहां तेज हवा के कारण ग्रेनाइट का पत्थर का एक बुजुर्ग पर गया। हादस में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बारिश-आंधी से रबी की फसलों को नुकसान

आमतौर पर मार्च के बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगते हैं, लेकिन इस बार 13 मार्च से लगातार सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं। मार्च के अंत तक 5 और अप्रैल के पहले सप्ताह तक 6 सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इतने कम अंतराल में लगातार सिस्टम बनना असामान्य है, जिससे मौसम का पैटर्न बदल गया है। इसका सीधा असर कृषि पर पड़ा है।

राजस्थान के कई जिलों में सरसों, गेहूं और चने की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मंडियों में खुले में रखी फसलें भी भीग गई हैं।