भारत-EU ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता फाइनल: पीएम मोदी ने किया ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ घोषित

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच करीब दो दशक बाद ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अंतिम रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत-EU आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा। यह डील वैश्विक GDP के लगभग 25% और विश्व व्यापार के एक-तिहाई हिस्से को कवर करती है। इसके लागू होने से व्यापार, निवेश और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

भारत-EU ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता फाइनल: पीएम मोदी ने किया ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ घोषित

नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को अंतिम रूप दे दिया गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसका ऐलान किया। इस समझौते को दुनियाभर में “मदर ऑफ ऑल डील्स” के रूप में संबोधित किया जा रहा है और इसे करीब दो दशक लंबी बातचीत के बाद पूरा किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोप के करोड़ों लोगों को बड़े आर्थिक अवसर मिलेंगे, और यह दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग तथा व्यापारिक रिश्तों को नई ऊँचाई पर ले जाएगा। समझौता वैश्विक GDP के लगभग 25% और विश्व व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है, जिससे यह वैश्विक व्यापार में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

इस मुक्त व्यापार समझौते से भारत अपने विशाल और संरक्षित बाजार को EU के साथ मुक्त व्यापार के लिए खोलने जा रहा है, जिससे पारस्परिक वस्तु और सेवा व्यापार में टैक्स में कटौती, निर्यात-आयात प्रक्रियाओं में सुगमता और नए निवेश अवसर उत्पन्न होंगे। वर्तमान में भारत-EU के बीच व्यापार लगभग $136.5 बिलियन है, और इस समझौते के लागू होने से यह संख्या भविष्य में और बढ़ने की उम्मीद है।

समझौते के औपचारिक साइनिंग के लिए अब क़ानूनी समीक्षा (legal vetting) बाकी है, जो अनुमानित रूप से 5-6 महीने में पूरी होगी, और इसके बाद यह लगभग एक साल के भीतर लागू होने की संभावना जताई जा रही है।

यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को मज़बूत करने के साथ-साथ वैश्विक व्यापार में संतुलन लाने में भी मदद करेगा, खासकर ऐसे समय में जब कई देशों के बीच अमेरिका के टैरिफ और व्यापार नीतियाँ व्यापारिक रिश्तों को प्रभावित कर रही हैं