पुलिस का सफल ऑपरेशन चक्रव्यूह, हनीट्रैप से किडनैपिंग की साजिश नाकाम, 4 इनामी बदमाश गिरफ्तार

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस ने अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सनसनीखेज हनीट्रैप और अपहरण कांड का पर्दाफाश किया है।

पुलिस का सफल ऑपरेशन चक्रव्यूह, हनीट्रैप से किडनैपिंग की साजिश नाकाम, 4 इनामी बदमाश गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस ने अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सनसनीखेज हनीट्रैप और अपहरण कांड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मात्र 4 घंटे की त्वरित कार्रवाई में 65 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी कैलाश विजयवर्गीय को अपहर्ताओं के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले चार इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।

मंदिर के बाहर दिनदहाड़े अपहरण

पुलिस अधीक्षक (एसपी) देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि घटना 12 दिसंबर की सुबह की है। आदर्श नगर निवासी कारोबारी कैलाश विजयवर्गीय डाबला रोड स्थित शिव मंदिर में पूजा करने गए थे। मंदिर से बाहर निकलते ही सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर उनका अपहरण कर लिया। अपहर्ता उन्हें सुनसान रास्तों से सुंदरपुरा के पास एक खंडहर (तिबारा) में ले गए, जहां यह वारदात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।

हनीट्रैप की खौफनाक साजिश और फिरौती की मांग

अपहरणकर्ताओं ने पहले से ही जाल बिछाया था। खंडहर में पहले से मौजूद एक महिला की मदद से कारोबारी के साथ मारपीट की गई, हवाई फायरिंग कर डराया गया और जबरन अश्लील वीडियो बनाए गए। इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर बदमाशों ने 10 करोड़ रुपये की भारी भरकम फिरौती मांगी और 10 दिन का समय दिया। यह हनीट्रैप की खतरनाक साजिश थी, जिसका मकसद कारोबारी को ब्लैकमेल करना था।

पुलिस की घेराबंदी से बदमाशों में मची भगदड़

सूचना मिलते ही एसपी देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त एसपी नाजिम अली और सीओ राजेंद्र कुमार बुरड़क के नेतृत्व में पूरे जिले में घेराबंदी कर दी गई। तकनीकी निगरानी और पुलिस की सघन मौजूदगी से दबाव बढ़ने पर बदमाश घबरा गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने कारोबारी को बोपिया स्टैंड के पास छोड़कर फरार होने की कोशिश की।

चारों इनामी बदमाश गिरफ्तार

पुलिस ने पीड़ित को छुड़ाने के बाद हार नहीं मानी। मुखबिरों और तकनीकी सहायता से आरोपियों का पीछा किया गया। कड़ी मेहनत के बाद निम्नलिखित बदमाशों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया गया:

विकास उर्फ विक्का गुर्जर (25), कोटपूतली

संदीप उर्फ धोलाराम गुर्जर (25), कोटपूतली

कृष्ण गुर्जर (23), प्रागपुरा

शेरसिंह राजपूत (23), सरुण्ड

ये सभी आरोपी पहले से इनामी थे और प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। ऑपरेशन का नेतृत्व थानाधिकारी राजेश शर्मा ने किया, जबकि हेड कांस्टेबल धर्मपाल और कांस्टेबल जितेंद्र की सूचना संकलन में अहम भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगा रही है।

यह कार्रवाई कोटपूतली पुलिस की सतर्कता और त्वरित एक्शन का बेहतरीन उदाहरण है, जिसने अपराधियों के हौसले तोड़ दिए।