सीकर में फाल्गुन मेला शुरू: जगन्नाथपुरी और 12 ज्योतिर्लिंग थीम से सजा खाटूश्याम दरबार

सीकर के खाटूश्याम मंदिर में फाल्गुन मेला शुरू। 17 किमी पैदल कॉरिडोर, 8 किमी जिगजैग मार्ग, 12 ज्योतिर्लिंग व जगन्नाथपुरी थीम की विशेष सजावट। 8 दिन चलेगा मेला।

सीकर में फाल्गुन मेला शुरू: जगन्नाथपुरी और 12 ज्योतिर्लिंग थीम से सजा खाटूश्याम दरबार
Khatu Shyam

Sikar जिले के प्रसिद्ध Khatu Shyam Ji Temple में वार्षिक फाल्गुन मेले का शुभारंभ हो गया है। इस बार मंदिर परिसर को जगन्नाथपुरी और 12 ज्योतिर्लिंग की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया है। सिंह द्वार पर ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकियां बनाई गई हैं, वहीं मंदिर को लाल और सफेद वस्त्रों से सजाकर जगन्नाथपुरी शैली का स्वरूप दिया गया है। सुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।

17 किलोमीटर पैदल कॉरिडोर, 8 किलोमीटर जिगजैग से होंगे दर्शन

रींगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा विशेष पैदल मार्ग तैयार किया गया है, जो पूरी तरह वाहनों से मुक्त रहेगा। पूरे रास्ते में पेयजल, रोशनी, शौचालय और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। खाटू पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को लगभग 8 किलोमीटर के जिगजैग मार्ग से गुजरकर बाबा के दरबार तक पहुंचना होगा।

मेला इस बार केवल 8 दिनों तक चलेगा और इस दौरान 24 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे।

14 लाइनों से दर्शन, VIP व्यवस्था बंद

दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 14 सीधी लाइनों की व्यवस्था की गई है। भीड़ कम होने पर चार लाइनों से भी श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी प्रोटोकॉल को छोड़कर VIP दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी।

दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए अलग लाइन बनाई गई है, जहां से व्हीलचेयर की मदद से दर्शन कराए जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए 16 आपातकालीन गेट भी तैयार किए गए हैं।

अलग-अलग रंगों में पार्किंग और QR कोड सुविधा

छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है। चार प्रमुख पार्किंग स्थल अलग-अलग रंगों—पीला, हरा, नीला और गुलाबी—से चिन्हित किए गए हैं। प्रत्येक पार्किंग पर QR कोड आधारित पहचान और मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध है।

बसों से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग से पैदल मंदिर तक पहुंचना होगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मेले को 22 सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में बांटा गया है। करीब 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। 44 एलईडी स्क्रीन पर प्रतीक्षा समय, पार्किंग स्थिति और सुरक्षा निर्देश प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

मेला परिसर में 12 पुलिस सहायता बूथ बनाए गए हैं। पार्किंग से मंदिर तक आने-जाने के लिए 2000 ई-रिक्शा पास जारी किए गए हैं, जिनका किराया 25 रुपये निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और 9667600788 उपलब्ध है।

डीजीपी की अपील

Rajeev Kumar Sharma ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और पार्किंग जोन का पालन करें तथा प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य हर श्रद्धालु को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में दर्शन कराना है।